सवाई माधोपुर (रणथम्भौर): विश्व प्रसिद्ध रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के आसपास के गांवों, नगर परिषद और नगर न्यास सवाई माधोपुर की सीमा में अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पर्यटकों की सुरक्षा से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कृषि भूमि पर बनी चमचमाती 4-5 मंजिला इमारतों में, जो नक्शे में आवासीय मकान के रूप में दर्ज हैं, अवैध रूप से पेइंग गेस्ट हाउस और गेस्ट हाउस संचालित किए जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक इन गेस्ट हाउसों के पास न तो राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) की अनुमति है, न जिला प्रशासन की स्वीकृति, न फायर NOC और न ही बिल्डिंग स्ट्रक्चर सर्टिफिकेट। इसके बावजूद इनमें पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था संचालित होने की बात सामने आई है।

सबसे गंभीर पहलू यह है कि इन अवैध गेस्ट हाउसों में देशी-विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ देश-विदेश के राजकीय मेहमानों और अति विशिष्ट व्यक्तियों (VIP) को भी ठहराया जा रहा है। बिना किसी पुलिस वेरिफिकेशन और बिना पर्यटन विभाग के रजिस्ट्रेशन के इस तरह ठहराने को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय बताया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक यह कारोबार पूरी तरह असंगठित तरीके से संचालित हो रहा है। संचालक न तो रिटर्न भर रहे हैं और न GST दे रहे हैं, जिससे सरकार के राजस्व में कोई वृद्धि नहीं हो रही है। आरोप है कि यह व्यवस्था समानांतर अर्थव्यवस्था का रूप ले चुकी है।

इन भवनों में बिजली कनेक्शन और खपत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार 2 KW का घरेलू कनेक्शन लेकर 15 KW तक का लोड इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें AC, गीजर और इंडक्शन चलाए जा रहे हैं। साथ ही बिल्डिंग बायलॉज का पालन नहीं होने और आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने की बात भी सामने आई है।

पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। पूर्व में कृषि भूमि पर बने बाड़ों को दी गई अस्थाई अनुमति भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद नवीनीकृत नहीं हुई, इसके बावजूद अवैध संचालन जारी रहने की जानकारी सामने आई है।

रणथम्भौर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन क्षेत्र में बिना आवश्यक अनुमति, फायर NOC, बिल्डिंग स्ट्रक्चर सर्टिफिकेट और पर्यटन विभाग के रजिस्ट्रेशन के संचालित बताए जा रहे इन गेस्ट हाउसों में विदेशी पर्यटकों, राजकीय मेहमानों और VIP के ठहरने से सुरक्षा, नियमों के पालन और सरकारी राजस्व से जुड़े कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

नाम: हरक चंद जैन

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)

परिचय

हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
  • अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।

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