रणथंभौर बाघ रक्षक कार्यक्रम से बच्चों में बढ़ी वन्यजीव संरक्षण की चेतना, राष्ट्रीय उद्यान भ्रमण से मिला प्रकृति संरक्षण का संदेश
रणथंभौर टाइगर रिजर्व के बाघ रक्षक कार्यक्रम के तहत सवाई माधोपुर के विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण का व्यावहारिक संदेश दिया गया।

तस्वीर में रणथंभौर बाघ रक्षक कार्यक्रम के तहत आयोजित जागरूकता अभियान के दौरान स्कूली बच्चे हाथों में पर्यावरण और बाघ संरक्षण से संबंधित चित्र और चार्ट पेपर प्रदर्शित करते हुए खड़े हैं। उनके साथ दो महिला शिक्षिकाएं भी उपस्थित हैं और सामने कार्यक्रम का मुख्य बैनर रखा हुआ है।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व द्वारा संचालित “रणथंभौर बाघ रक्षक (आरबीआर) कार्यक्रम” के तहत स्कूली बच्चों और युवाओं में वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र निदेशक रणथंभौर शारदा प्रताप सिंह तथा उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक (प्रथम) मानस सिंह के निर्देशन में संचालित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उप वन संरक्षक मानस सिंह ने कहा कि रणथंभौर बाघ रक्षक कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वन, वन्यजीव एवं जैव विविधता संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। विभाग विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रकृति संरक्षण का सहभागी बनाकर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास कर रहा है।
इसी क्रम में सवाई माधोपुर के नीम चौकी, नसिया शहर, सवाई गंज, बोदल तथा फ्रेंड्स पब्लिक विद्यालय सहित विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में सोशियोलॉजिस्ट ममता साहू ने विद्यार्थियों को बाघों के जीवन, पारिस्थितिक तंत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका, जैव विविधता संरक्षण तथा वन्यजीवों के समक्ष मौजूद चुनौतियों की जानकारी सरल और रोचक ढंग से दी। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि स्थानीय समुदाय और युवा “बाघ रक्षक” बनकर वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान चित्रकला प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी तथा अन्य सहभागितापूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए “सुरक्षित बाघ, सुरक्षित भविष्य” का संदेश दिया। इस दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और वन्यजीवों के महत्व से संबंधित जागरूकता सामग्री वितरित की गई। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया तथा वन विभाग की ओर से जूट बैग और बुकलेट भी वितरित किए गए।
रणथंभौर बाघ रक्षक कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक आवास, वन्यजीवों और संरक्षण गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया तथा प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को निकट से समझा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
