राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के वजीरपुर उपखंड के जीवली गांव निवासी राजेंद्र मीणा को कोटा विश्वविद्यालय, कोटा ने पीएचडी की उपाधि प्रदान की है। राजेंद्र मीणा वर्तमान में राजकीय महाविद्यालय बारां में वनस्पति शास्त्र के सहायक आचार्य हैं।

रामखिलाड़ी मीणा ने बताया कि उनके पुत्र राजेंद्र मीणा ने यह शोध कार्य जे डी बी गर्ल्स कॉलेज, कोटा में प्रो. (डॉ.) अल्पना जौहरी के निर्देशन में पूर्ण किया है। उनके शोध को विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी की उपाधि के लिए मान्यता प्रदान की गई।

राजेंद्र मीणा का शोध कार्य Oxystelma esculentum पौधे में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट एवं एंटीमाइक्रोबियल गुणों की पहचान और विश्लेषण पर आधारित है। यह शोध औषधीय गुणों वाले इस पौधे के वैज्ञानिक अध्ययन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऑक्सिस्टेल्मा एस्कुलेंटम एक किस्म की बेल है, जो एपोसायनेसी (Apocynaceae) वर्ग से संबंधित है। यह भारत सहित दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के अनेक क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है। यह प्रायः दलदली क्षेत्रों, नदी-नालों के किनारे, नम भूमि तथा तटीय इलाकों में उगती है।

शोध के निष्कर्ष भविष्य में औषधीय अनुसंधान तथा रोगों के उपचार के लिए नई दवाओं के विकास के क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकते हैं। यह शोध औषधीय पौधों के वैज्ञानिक अध्ययन और चिकित्सा अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।

Pratahkal Bureau

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