राजस्थान में पर्यटन को वर्षभर सक्रिय बनाए रखने और नए पर्यटन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय से पर्यटन सेक्टर के स्टेकहोल्डर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में ऑफ-सीजन टूरिज्म, घरेलू पर्यटन, अननोन डेस्टिनेशंस और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में पर्यटन सचिव श्रीमती शुचि त्यागी, पर्यटन आयुक्त श्रीमती रुक्मिणी रियाड़, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन श्री आनंद त्रिपाठी, श्री पवन जैन, RATO प्रेजिडेंट श्री महेन्द्र सिंह राठौड़, सुश्री शांभवी सिंह, FHTR प्रेजिडेंट श्री सुरेंद्र सिंह शाहपुरा, ADTOI प्रेजिडेंट श्री हेम सिंह, FRTO प्रेजिडेंट श्री योगेंद्र सिंह, HRAR से श्री तरुण बंसल एवं श्री अधीरज सिंह, होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के प्रेजिडेंट श्री हुसैन खान, सचिव श्री रणविजय सिंह, HFR प्रेजिडेंट श्री पवन मेहता सहित विभिन्न पर्यटन संगठनों और होटल-ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान में पर्यटन को नए आयाम देने के लिए “अननोन डेस्टिनेशंस” और ऑफ-सीजन टूरिज्म पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन विभाग फैसिलिटेटर की भूमिका में कार्य कर रहा है और होटल व ट्रैवल इंडस्ट्री को व्यवसाय बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने स्टेकहोल्डर्स से समय-समय पर सुझाव, प्लान और प्रपोजल देने की अपील करते हुए कहा कि नए आइडिया के साथ पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा दी जाएगी।

बैठक में उन्होंने कहा कि वैश्विक विषम परिस्थितियों का सबसे अधिक प्रभाव पर्यटन क्षेत्र पर पड़ता है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के निर्देशानुसार पर्यटन क्षेत्र की चुनौतियों को अवसर में बदलने के उद्देश्य से ट्रैवल ट्रेड फ्रेटरनिटी के साथ यह संवाद आयोजित किया गया है ताकि स्टेकहोल्डर्स के सुझावों के आधार पर नई रणनीति तैयार की जा सके।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान को “वर्षपर्यंत पर्यटन राज्य” के रूप में विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पीक सीजन में पर्यटकों का दबाव बढ़ जाता है, जबकि मानसून और शोल्डर मंथ्स में पर्यटन गतिविधियां कम हो जाती हैं। इन महीनों में शादियां और बड़े आयोजन भी सीमित रहते हैं। ऐसे में ऑफ-सीजन और मानसून टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ट्रैवल मार्ट्स, रोड शो और विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए देशभर में राजस्थान के रोड शो आयोजित किए जाएंगे। स्टेकहोल्डर्स के सुझावों पर सहमति जताते हुए दिया कुमारी ने कहा कि “हॉलीडे इन राजस्थान” और “विजिट माय स्टेट” जैसे विशेष अभियान चलाए जाएंगे। इन अभियानों को सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा ताकि अधिकाधिक पर्यटक राजस्थान की यात्रा की योजना बनाएं।

बैठक में बांसवाड़ा, झालावाड़, कोटा और शेखावाटी जैसे क्षेत्रों को “अननोन डेस्टिनेशंस” के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने के लिए विभाग तेजी से कार्य कर रहा है।

विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए फॉरेन ट्रैवल मार्ट्स में राजस्थान पर्यटन विभाग की भागीदारी बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में विभाग की विदेशी ट्रैवल मार्ट्स में सहभागिता बढ़ी है और अब केवल भागीदारी तक सीमित रहने के बजाय लोकल टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स, मीडिया और एजेंट्स के साथ मीटिंग, कल्चरल इवनिंग, राजस्थानी खान-पान और प्रेजेंटेशन के जरिए “मेक द मोस्ट ऑफ इट” रणनीति पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चीन में आयोजित होने वाले ट्रैवल मार्ट में भी राजस्थान पर्यटन विभाग भागीदारी करेगा।

उन्होंने स्टेकहोल्डर्स से अपील की कि विदेशी ट्रैवल मार्ट्स के दौरान विभाग को सुझाव दिए जाएं कि वहां लोकल एजेंट्स, मीडिया, इन्फ्लुएंसर्स और अन्य गतिविधियों को किस प्रकार शामिल किया जा सकता है, ताकि राजस्थान पर्यटन को अधिक प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सके।

पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई मॉन्यूमेंट्स और सरकारी पर्यटन स्थलों की टाइमिंग में बदलाव किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने बताया that जहां सिक्योरिटी और लाइटिंग की व्यवस्था पूरी हो चुकी है, वहां स्मारकों को सुबह जल्दी और शाम देर तक खोला जा रहा है। अन्य स्थानों पर भी यह व्यवस्था जल्द लागू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग का सोशल मीडिया और मीडिया कैंपेन लगातार जारी है तथा जल्द ही राजस्थान पर्यटन का नया मीडिया कैंपेन लॉन्च किया जाएगा। वर्तमान जियोपॉलिटिकल स्थिति और फ्यूल सिचुएशन का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील के अनुरूप कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की भी बात कही।

बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 से पहले राजस्थान में जितने विदेशी पर्यटक आते थे, वर्तमान में उस स्तर तक पर्यटन नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने कहा कि राज्य को पुनः प्री-कोविड स्तर पर लाने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स को मिलकर प्रयास करने होंगे। एविएशन, रेल कनेक्टिविटी और टैक्स में रिडक्शन जैसे मुद्दों पर भारत सरकार के स्तर पर भी संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। राजस्थान पर्यटन को वर्षभर सक्रिय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में यह बैठक अहम मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau

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