तकनीकी शिक्षा विभाग की पहल: राजस्थान के कॉलेजों में 25 मार्च तक मनेगा तीर्थंकर दिवस
तकनीकी शिक्षा निदेशालय ने भगवान ऋषभदेव के जीवन पर आधारित प्रतियोगिताओं के निर्देश दिए, युवा पीढ़ी को श्रमण संस्कृति और अहिंसा के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास।

बामनवास। जैन धर्म के प्रवर्तक एवं प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव ऋषभदेव के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक (ऋषभ नवमी) तीर्थंकर दिवस के पावन अवसर पर तकनीकी शिक्षा विभाग ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है। इस पहल के अंतर्गत प्रदेश के तकनीकी महाविद्यालयों में भगवान ऋषभदेव के जीवन पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि युवा वर्ग को अहिंसा, सत्य और श्रमण संस्कृति से जोड़ा जा सके। उल्लेखनीय है कि भगवान ऋषभदेव ने ही लोक व्यवहार को चलाने के लिए तीन वर्णों की स्थापना की थी। इसी तारतम्य में तकनीकी शिक्षा निदेशालय के निदेशक राजेश कुमार शर्मा ने राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, निजी पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के प्रधानाचार्यों एवं राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय के प्राचार्यों को आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इस निर्णय को जैन समुदाय और प्रदेश के सभी वर्गों ने सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संवाद की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया है।
तकनीकी महाविद्यालयों में आयोजित होने वाली विविध प्रतियोगिताएं
तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 25 मार्च तक राज्यभर के संस्थानों में कार्यक्रमों की श्रृंखला चलेगी। इन आयोजनों में श्रमणों का प्रवचन, समूह चर्चा, स्वरचित कविता पाठ, एकल गायन, वाद-विवाद और व्याख्यान माला जैसे बौद्धिक कार्यक्रम सम्मिलित होंगे। इसके साथ ही कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए नाटक, मूक अभिनय, चित्रकला, पोस्टर मेकिंग, रंगोली, निबन्ध लेखन, रचनात्मक लेखन और प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का संचार
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के पूर्व अध्यक्ष और राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के संरक्षक जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि "ऐसे कार्यक्रमों से नवीन युवा वर्ग को देवाधिदेव भगवान ऋषभदेव के आदर्श जीवन और उनके कार्यों से प्रेरणा मिलेगी।" विभाग का लक्ष्य इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के भीतर नैतिक मूल्यों का बीजारोपण करना है।
राजस्थान सरकार एवं प्रशासन का आभार प्रदर्शन
इस ऐतिहासिक निर्णय पर जैन समुदाय एवं अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है। युवाओं ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव तकनीकी शिक्षा कुलदीप रांका, संयुक्त शासन सचिव महेन्द्र कुमार शर्मा, सहायक शासन सचिव हेमेन्द्र गोयल और मोहम्मद उसामा के साथ-साथ तकनीकी शिक्षा के निदेशक राजेश कुमार शर्मा का भी हृदय से आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
