राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) की रामगंजमंडी में विशाल आक्रोश रैली
ग्रीष्मावकाश में कटौती के विरोध में हजारों शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के क्षेत्र में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

रामगंजमंडी में ग्रीष्मावकाश कटौती के विरोध में प्रदर्शन करते राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के पदाधिकारी और सदस्य।
राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के बैनर तले हजारों शिक्षकों ने ग्रीष्मावकाश सहित अन्य अवकाशों में की गई कटौती के विरोध में शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी (कोटा) में विशाल रैली निकालकर जबरदस्त आक्रोश व्यक्त किया। संगठन ने इसे ‘आर-पार की लड़ाई’ का ऐलान बताते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन के चौथे चरण के तहत यह बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया।
रामगंजमंडी की सड़कों पर राज्यभर से आए लगभग तीन हजार शिक्षकों ने भीषण गर्मी और उमस की परवाह किए बिना दोपहर एक बजे नारेबाजी करते हुए रैली निकाली, जो गोवर्धनपुरा माताजी मंदिर से प्रारंभ होकर सरकारी कुआं, माल गोदाम चौराहा, बाजार नंबर 5, अंबेडकर चौराहा, पंचमुखी रोड होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंची। मार्ग में संगठन के मुख्य संरक्षक एवं प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा के नेतृत्व में शिक्षकों ने वीर शहीद पन्नालाल यादव, महात्मा गांधी एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण भी किया।
रैली के प्रारंभ में शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर पुतला दहन किया और उपखंड कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए मातम जैसा माहौल बनाया। इसके बाद उपखंड अधिकारी श्रीमती चारु आईएएस को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें ग्रीष्मावकाश सहित अन्य अवकाशों में की गई कटौती को वापस लेने तथा शिक्षक व शिक्षार्थियों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
आमसभा में लगभग तीन हजार शिक्षक गोवर्धनपुरा माताजी मंदिर परिसर में एकत्र हुए, जहां संगठन के मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा, सभाध्यक्ष ललित आर पाटीदार, प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा, मुख्य महामंत्री एवं संघर्ष समिति संयोजक उम्मेद सिंह डूडी, महामंत्री रामदयाल मीणा, महिला अध्यक्ष मीना मंसूरिया, संस्कृत शिक्षा अध्यक्ष बनवारी लाल सैनी, संरक्षक राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, ईश्वर दयाल शर्मा, लक्ष्मीनारायण स्वामी, श्याम सिंह जघीना, सुभाष चंद्र शर्मा, अशोक शर्मा, अशोक कुल्हरी, रामलाल मीणा, मनोज कश्यप, टीकेंद्र सिंह, कृष्ण सिंह बैसला, अमर सिंह मीणा सहित कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
प्रदेश मंत्री सोहन लाल गुप्ता ने बताया कि आंदोलन की शुरुआत 7 अप्रैल को विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर विरोध से हुई थी, 8 अप्रैल को उपखंड स्तर पर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया, 20 अप्रैल को जिला कलेक्टर के माध्यम से पुनः ज्ञापन दिया गया तथा 11 मई को सभी जिला मुख्यालयों पर माध्यमिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सद्बुद्धि यज्ञ और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। बावजूद इसके ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिन की कटौती एवं संस्था प्रधानों द्वारा अवकाश में की गई कटौती वापस नहीं ली गई।
इसी क्रम में 18 मई 2026 को प्रदेशभर से हजारों शिक्षक रामगंजमंडी पहुंचे और शिक्षा मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए उप जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण एवं डीपीसी, प्रधानाचार्य एवं उपप्रधानाचार्य की ऑनलाइन काउंसलिंग, B.Ed योग्यताधारी लैब असिस्टेंट का शिक्षा विभाग में विलय, संस्कृत शिक्षा अधिकारी एवं बीएलओ पद सृजन, सभी संवर्गों की नियमित डीपीसी, ऑनलाइन पोस्टिंग पर पीएल एवं यात्रा भत्ता, रविवार को आयोजित परीक्षा के बदले क्षतिपूर्ति अवकाश, उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्याख्याताओं के पद सृजन, जमींदोज कमरों की स्वीकृति, शिक्षकों का समानीकरण, पारदर्शी स्थानांतरण नीति, पीईईओ को एल-17 तथा आरजीएचएस में पति-पत्नी दोनों से वेतन कटौती के बजाय संयुक्त सुविधा लागू करने जैसी मांगें रखीं।
रैली में सवाई माधोपुर जिले से सुरेश चंद्र शर्मा, हरिशंकर गुर्जर, सुनील शर्मा, कमलेश मीणा, सोहन लाल गुप्ता, गोपाल लाल गुप्ता, नरेश सिसोदिया, श्रीजेश गुर्जर, चेतराम मीणा, बुधराम मीणा, हनुमान प्रसाद शर्मा, महेश चंद जैन, रघुवीर जाटव सहित अनेक शिक्षक शामिल हुए।
रामगंजमंडी में हुई यह विशाल रैली और पुतला दहन कार्यक्रम राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के आंदोलन को नए चरण में ले जाता दिखा, जिसमें शिक्षकों ने अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई की चेतावनी के साथ प्रदेश सरकार के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त किया।

Pratahkal Bureau
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