कानून-व्यवस्था में लापरवाही पर सीएम भजनलाल का सख्त एक्शन, तीन अधिकारियों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कानून-व्यवस्था में लापरवाही पर दो आरपीएस और एक जेल अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए अनियमितता एवं दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राजस्थान पुलिस सेवा के दो अधिकारियों और जेल सेवा की एक अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री ने महिला बंदी सुधार गृह, जयपुर में पदस्थापित उपाधीक्षक सरोज विश्नोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा उनका मुख्यालय जयपुर से भरतपुर किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। सरोज विश्नोई के विरूद्ध प्राप्त परिवाद में आरोप लगाया गया था कि वे सुधार गृह की एक महिला बंदी को अपने साथ रखती थी और उस महिला बंदी का कार्यालय के कार्यों में हस्तक्षेप था। इसके अलावा विश्नोई द्वारा पैसे लेकर बंदियों को नियम विरूद्ध सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने की शिकायत भी प्राप्त हुई थी।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने जोधपुर पुलिस आयुक्तालय में पदस्थापित सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर क्राइम देरावर सिंह के विरूद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत अनुशासनिक कार्यवाही के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
देरावर सिंह ने पुलिस थाना कामां, डीग में पुलिस निरीक्षक के पद पर पदस्थापित रहते हुए अपने पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही बरती। हत्या जैसे गंभीर अपराध में आठ में से केवल एक अभियुक्त को अनुसंधान में दोषी मानते हुए सात अभियुक्तों को बचाने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री ने आरपीएस अधिकारी लाभुराम विश्नोई के विरूद्ध आरोपों को प्रमाणित मानते हुए विभागीय जांच रिपोर्ट का भी अनुमोदन किया है। लाभुराम विश्नोई ने पुलिस थाना चैथ का बरवाड़ा जिला सवाईमाधोपुर क्षेत्र में बनास नदी में बजरी माफियाओं के विरूद्ध कार्रवाई के दौरान अवैध खनन एवं परिवहन के विरूद्ध कार्रवाई से संबंधित निर्देशों की अवहेलना की।
इस लापरवाही के कारण क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई और स्वयं सहित पुलिस जाब्ते की जान को जोखिम में डाला गया। साथ ही, कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के साथ कोई समन्वय भी नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए इन निर्णयों से प्रशासनिक कार्यों में जवाबदेही तय होने के साथ ही कार्मिकों की कार्यशैली में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया गया है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
