जयपुर: 13 जुलाई। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने शिक्षकों की लंबित मांगों के समाधान न होने पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि अगले सात दिनों के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो वे माननीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ पुनः आंदोलन शुरू करेंगे और राजस्थान के हजारों शिक्षक अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच करेंगे। इस बाबत संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है।

संगठन के प्रदेश महामंत्री रामदयाल मीणा ने बताया कि शिक्षक पिछले एक वर्ष से अपने मांग-पत्र को लेकर निरंतर आंदोलनरत हैं। अपनी मांगों और ग्रीष्मावकाश में कटौती के विरोध में संगठन ने 18 मई 2026 को कोटा के रामगंजमण्डी में एक विशाल रैली का आयोजन किया था। आरोप है कि इस रैली के चार दिन बाद ही, 22 मई 2026 को संगठन के पदाधिकारियों के विरुद्ध झूठी और आधारहीन एफ.आई.आर. दर्ज करा दी गई।

प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा ने सरकार से मांग की है कि मांग-पत्र पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने मांग की है कि बदले की भावना से संगठन के पदाधिकारियों के किए गए स्थानांतरण को निरस्त किया जाए और इन तबादलों में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि सात दिन की निर्धारित अवधि में सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई, तो आंदोलन और अधिक उग्र होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस ज्ञापन की प्रतियां शिक्षामंत्री, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा और निदेशक माध्यमिक शिक्षा को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई हैं।

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