ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज से संबंधित संसदीय स्थायी समिति ने 1 से 4 मई तक राजस्थान के व्यापक दौरे के दौरान राज्य में संचालित केन्द्र प्रवर्तित एवं अन्य योजनाओं की निगरानी, संचालन प्रक्रिया और प्रगति का गहन अध्ययन किया। समिति ने जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन करते हुए विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।

दौरे के अंतर्गत समिति के अध्यक्ष श्री सप्तगिरि शंकर उलका की अध्यक्षता में सोमवार को जयपुर में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के 18 सदस्य, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान 2 मई को सवाई माधोपुर जिले में किए गए फील्ड विजिट के अनुभवों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन, निरीक्षण और लाभार्थियों से संवाद के आधार पर प्राप्त सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बैठक में कहा कि संसदीय स्थायी समिति संसद की एक महत्वपूर्ण संस्था है, जो ग्रामीण विकास और पंचायती राज से जुड़ी नीतियों और योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत राज्य में स्वीकृत कार्यों में से 83.28 प्रतिशत कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा श्रमिकों की मजदूरी दर में निरंतर वृद्धि हुई है।

उन्होंने हरियालो राजस्थान अभियान के तहत प्रदेश में 14.54 करोड़ पौधों के व्यापक पौधारोपण की जानकारी दी। साथ ही सभी ग्राम पंचायतों में नर्सरी विकसित करने, खेल परिसर और आदर्श फल उद्यान स्थापित करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित राजीविका योजना के अंतर्गत लाखों परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर सशक्त किया गया है। अब तक 3300 उत्पादक समूहों का गठन कर 1.84 लाख परिवारों को लाभान्वित किया गया है, जिनके माध्यम से लगभग 95 करोड़ रुपये का व्यवसायिक टर्नओवर अर्जित हुआ है।

सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के तहत पेंशनधारियों को डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभ प्रदान किए जाने से पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित हुई है। बैठक में अधिकारियों द्वारा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी और प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें राजीविका, लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, महात्मा गांधी नरेगा, सांसद आदर्श ग्राम योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, स्वच्छ भारत मिशन और स्वामित्व योजना की प्रगति की जानकारी शामिल रही।

समिति के अध्यक्ष श्री सप्तगिरि शंकर उलका ने कहा कि राजस्थान अपनी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण देश में विशिष्ट स्थान बना रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित सड़कों की स्थिति और गुणवत्ता, ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों की संख्या, स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रॉपर्टी कार्ड तथा मनरेगा की वित्तीय स्थिति की जानकारी प्राप्त की।

बैठक में समिति के सदस्यों ने प्रदेश में संचालित ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया और आवश्यक सुझाव भी दिए। इस दौरान कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग के एसीएस श्री संदीप वर्मा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के एसीएस श्री प्रवीण गुप्ता, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के एसीएस श्री कुंजीलाल मीणा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के एसीएस श्री दिनेश कुमार, पंचायती राज के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम, मनरेगा आयुक्त श्रीमती पुष्पा सत्यानी सहित अन्य विभागों और बैंक ऑफ बड़ौदा के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राजस्थान में ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति, पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रित यह दौरा राज्य के समग्र विकास और नीति-निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत देता है।

Pratahkal Bureau

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