जयपुर, 14 अक्टूबर। राजस्थान में प्रवासी राजस्थानियों के साथ संवाद और सहभागिता को मजबूत बनाने के लिए सभी 41 जिलों में प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में प्रवासी राजस्थानियों को जिला स्तरीय सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रवासी प्रकोष्ठों के गठन, अनिवासी राजस्थानीयों (एनआरआर) के डेटाबेस को अद्यतन करने और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने जुलाई, 2026 में प्रवासी राजस्थानियों के साथ सशक्त संवाद एवं सहभागिता स्थापित करने और इसके लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने के उद्देश्य से सभी जिला कलक्टरों को जिला प्रवासी प्रकोष्ठ स्थापित करने के लिए पत्र लिखा था। इसके बाद डोरा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) श्री शिखर अग्रवाल ने 25 सितंबर, 2026 को राजस्थान डेवलपमेंट सपोर्ट पोर्टल (आरडीएसपी) के डेटा को अद्यतन करने के संबंध में सभी जिला कलक्टरों को पत्र भेजा था।

इन निर्देशों पर हुई प्रगति की समीक्षा के लिए राजस्थान फाउंडेशन आयुक्त मनीषा अरोड़ा ने जिलों के संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक में जिला प्रवासी प्रकोष्ठों के गठन और संचालन, प्रवासी राजस्थानियों (एनआरआर) के डेटाबेस, शिकायत निवारण तथा आरडीएसपी से जुड़े कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

बैठक में बताया गया कि प्रवासी राजस्थानी दिवस के तहत प्रदेश के सभी 41 जिलों में कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रवासी राजस्थानियों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन को तैयारियां पूरी करने और प्रवासी राजस्थानियों से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

जिला प्रवासी प्रकोष्ठों और एनआरआर डेटाबेस को लेकर निर्देश

बैठक में जिला प्रवासी प्रकोष्ठों को कार्यशील बनाने और एनआरआर डेटाबेस को नियमित रूप से अपडेट करने पर विशेष जोर दिया गया। राजस्थान फाउंडेशन के पास उपलब्ध प्रवासी राजस्थानियों का डेटा जिलों के साथ साझा किया जा चुका है। अब जिला प्रशासन इस डेटा में नए विवरण जोड़कर डेटाबेस का विस्तार करेगा, ताकि प्रवासी राजस्थानियों से संबंधित जानकारियों को अद्यतन रखा जा सके।

संपर्क पोर्टल और ईमेल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण तथा उनका रिकॉर्ड संधारित करने के संबंध में भी चर्चा की गई। अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण की प्रगति पर ध्यान देने और संबंधित रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक में राजस्थान डेवलपमेंट सपोर्ट पोर्टल (आरडीएसपी) के डेटा को अद्यतन करने के कार्य की अब तक की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही प्रवासी राजस्थानियों के सामाजिक योगदान को सामने लाने के लिए जिला स्तर पर पुस्तिकाएं और कॉफी टेबल बुक प्रकाशित करने पर जोर दिया गया।

हर जिले के लिए नियुक्त किए गए समन्वयक

राजस्थान फाउंडेशन और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी कार्य विभाग (डोरा) की ओर से प्रत्येक जिले के लिए समन्वयक कार्मिक नियुक्त किए गए हैं। ये कार्मिक लगभग सभी जिलों का दौरा कर चुके हैं। उनके संपर्क नंबर भी जिला प्रशासन के साथ साझा किए गए हैं। इस संबंध में राजस्थान फाउंडेशन आयुक्त की ओर से सभी जिला कलक्टरों को पत्र भेजा गया है।

बैठक के दौरान डोरा और राजस्थान फाउंडेशन की गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया गया। जिला अधिकारियों की ओर से उठाए गए सवालों और जिज्ञासाओं के जवाब देकर उनकी शंकाओं का समाधान भी किया गया।

जिला प्रवासी प्रकोष्ठों को सक्रिय करने, एनआरआर डेटाबेस का विस्तार करने, शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और प्रवासी राजस्थानियों के योगदान को दर्ज करने की दिशा में किए जा रहे ये प्रयास सभी 41 जिलों में प्रस्तावित प्रवासी राजस्थानी दिवस कार्यक्रमों की तैयारियों का अहम हिस्सा हैं।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

नाम: हरक चंद जैन

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)

परिचय

हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
  • अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।

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