बिना सम्मति चल रही औद्योगिक इकाइयों को बड़ी राहत, 31 दिसंबर तक शुल्क छूट का मौका
राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बिना सम्मति संचालित औद्योगिक इकाइयों को पिछले वर्षों के सम्मति शुल्क में छूट देने के लिए 31 दिसंबर तक विशेष योजना लागू की है।

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने बिना स्थापना एवं संचालन सम्मति के संचालित औद्योगिक इकाइयों को राहत देने के लिए विशेष छूट योजना लागू की है। इस योजना के तहत पात्र इकाइयां 16 अक्टूबर से 31 दिसंबर, 2026 तक आवेदन कर लाभ उठा सकेंगी। योजना के अंतर्गत निर्धारित शर्तों के अधीन पिछली संचालन अवधि का सम्मति शुल्क जमा कराने से छूट दी जाएगी। इसका उद्देश्य अधिकाधिक औद्योगिक इकाइयों को मंडल के सम्मति तंत्र से जोड़ना और पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप संचालन के लिए प्रोत्साहित करना है।
सवाई माधोपुर में क्षेत्रीय अधिकारी बलजीत मीणा ने बताया कि वायु अधिनियम, 1981 एवं जल अधिनियम, 1974 के प्रावधानों के अनुसार लाल, नारंगी एवं हरी श्रेणियों में आने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल से स्थापना एवं संचालन सम्मति प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके बावजूद कुछ औद्योगिक इकाइयां अब तक आवश्यक सम्मति प्राप्त किए बिना संचालित हो रही हैं।
क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि ऐसी इकाइयों को राहत देने के लिए मंडल पूर्व में भी समय-समय पर विशेष छूट योजनाएं लागू करता रहा है। इसी क्रम में मंडल ने 16 अक्टूबर से 31 दिसंबर, 2026 तक विशेष छूट योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत ऐसी पात्र औद्योगिक इकाइयों, प्रक्रियाओं, परियोजनाओं एवं गतिविधियों को कार्यालय आदेश में निर्धारित शर्तों के अधीन पूर्व में संचालित वर्षों की अवधि का सम्मति शुल्क जमा कराने से छूट प्रदान की गई है, जिन्होंने मंडल से कभी सम्मति प्राप्त नहीं की है।
बलजीत मीणा ने औद्योगिक इकाइयों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने संबंधित औद्योगिक संगठनों, उद्यमियों एवं अन्य हितधारकों से आग्रह किया कि वे अपने संपर्क में आने वाली ऐसी इकाइयों तक योजना की जानकारी पहुंचाएं, जो अब तक स्थापना एवं संचालन सम्मति प्राप्त किए बिना संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार से अधिकाधिक इकाइयां इसका लाभ उठा सकेंगी और मंडल के सम्मति तंत्र से जुड़कर नियमानुसार संचालन सुनिश्चित कर सकेंगी।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भी संबंधित पक्षों से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और पात्र औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित अवधि में इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की है। 31 दिसंबर, 2026 तक उपलब्ध इस विशेष छूट योजना के जरिए बिना सम्मति संचालित पात्र इकाइयों को नियमानुसार संचालन की दिशा में मंडल के सम्मति तंत्र से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
