राजस्थान पुलिस की वाई-फाई साइबर सुरक्षा एडवाइजरी, ऐसे रखें नेटवर्क सुरक्षित
साइबर क्राइम शाखा ने राउटर का पासवर्ड बदलने, WPA3 एन्क्रिप्शन और गेस्ट नेटवर्क का उपयोग करने की सलाह दी।

तस्वीर में राजस्थान पुलिस का साइबर एडवाइजरी से संबंधित गोल लोगो दिखाई दे रहा है।
सवाई माधोपुर, 5 सितम्बर। वाई-फाई नेटवर्क की कमजोर सुरक्षा साइबर अपराधियों को घर और कार्यालय के डिजिटल नेटवर्क तक पहुंच का रास्ता दे सकती है। इसी खतरे को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को वाई-फाई नेटवर्क को हैकिंग और अनधिकृत पहुंच से सुरक्षित रखने के लिए एडवाइजरी जारी की है। यह अभियान महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में राजस्थान पुलिस एवं सवाई माधोपुर पुलिस की ओर से साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे अभियानों का हिस्सा है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री वीके सिंह ने बताया कि आज के दौर में वाई-फाई सिर्फ इंटरनेट चलाने का माध्यम नहीं है, बल्कि घर और कार्यालय के मोबाइल, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और अन्य स्मार्ट डिवाइस को जोड़ने वाला डिजिटल नेटवर्क है। ऐसे में वाई-फाई राउटर की सुरक्षा कमजोर होने पर अनधिकृत डिवाइस नेटवर्क से जुड़ सकते हैं। इससे इंटरनेट की गति और डेटा खपत प्रभावित होने के साथ डेटा लीक, साइबर फ्रॉड, हैकिंग और निजी जानकारी की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को संदेह है कि उसके वाई-फाई नेटवर्क से कोई अनधिकृत डिवाइस जुड़ा हुआ है तो वह अपने मोबाइल या लैपटॉप को उसी वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट कर ब्राउजर के माध्यम से राउटर का एडमिन पेज खोल सकता है। राउटर के एडमिन यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन करने के बाद कनेक्टेड डिवाइसेस, डिवाइस लिस्ट या अटैच्ड डिवाइसेस जैसे विकल्पों में नेटवर्क से जुड़े उपकरणों की जानकारी देखी जा सकती है। किसी अनजान डिवाइस की पहचान होने पर उसे नेटवर्क से हटाया जा सकता है।
साइबर क्राइम शाखा ने राउटर की सेटिंग्स में जाकर निर्माता द्वारा दिए गए डिफॉल्ट ‘एडमिन’ पासवर्ड को तुरंत बदलने की सलाह दी है। राउटर की सेटिंग्स सामान्यतः 192.168.1.1 या 192.168.0.1 जैसे एड्रेस से खोली जा सकती हैं। वाई-फाई पासवर्ड मजबूत रखने और उसमें बड़े-छोटे अक्षर, संख्याएं तथा विशेष चिन्हों का मिश्रण रखने की सलाह दी गई है। एसएसआईडी यानी वाई-फाई का नाम भी ऐसा रखने को कहा गया है जिससे व्यक्तिगत पहचान या राउटर के ब्रांड का आसानी से पता न चले।
वाई-फाई की सुरक्षा के लिए राउटर में डब्ल्यूपीए3 एन्क्रिप्शन चालू रखने की सलाह दी गई है। यदि डब्ल्यूपीए3 उपलब्ध नहीं है तो कम से कम डब्ल्यूपीए2-एईएस का उपयोग किया जाना चाहिए। पुराने डब्ल्यूईपी या डब्ल्यूपीए मोड का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है। साथ ही साइबर सुरक्षा मजबूत रखने के लिए डब्ल्यूपीएस (वाई-फाई प्रोटेक्टेड सेटअप) फीचर बंद रखने की सलाह दी गई है। रिमोट मैनेजमेंट को भी डिसेबल रखने को कहा गया है, ताकि इंटरनेट के माध्यम से बाहर से कोई व्यक्ति राउटर की सेटिंग्स तक पहुंचने की कोशिश न कर सके।
घर में स्मार्ट टीवी, स्मार्ट उपकरण या अन्य आईओटी डिवाइस इस्तेमाल करने वाले लोगों को इन्हें मुख्य वाई-फाई नेटवर्क से अलग रखने के लिए गेस्ट नेटवर्क का उपयोग करना चाहिए। इससे मुख्य नेटवर्क से जुड़े मोबाइल, लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण डिवाइस को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है। राउटर के फर्मवेयर को नियमित रूप से अपडेट करने की भी सलाह दी गई है, ताकि निर्माता द्वारा जारी किए गए नए सुरक्षा पैच मिलते रहें। सुरक्षा बढ़ाने के लिए विश्वसनीय डिवाइसों के मैक एड्रेस को व्हाइटलिस्ट करने की सुविधा का भी उपयोग किया जा सकता है।
सवाई माधोपुर, राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि वाई-फाई नेटवर्क से छेड़छाड़, साइबर ठगी, हैकिंग या किसी अन्य साइबर अपराध की घटना सामने आती है तो बिना देरी किए निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन को सूचना दें। साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर की जा सकती है। वित्तीय साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की अपील की गई है। राजस्थान पुलिस के साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दी जा सकती है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
