राजस्थान पुलिस मुख्यालय: अपराध और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने जयपुर में अपराध समीक्षा बैठक की। लंबित मामलों, पंचायती राज चुनावों की तैयारियों और साइबर अपराधों पर सख्त निर्देश दिए।

तस्वीर में राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में अपराध एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक को संबोधित करते नजर आ रहे हैं।
राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय ने निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया है। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने बुधवार, 14 अक्टूबर को जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में अपराध एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक कर लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण, संवेदनशील घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई, अपराध नियंत्रण और आगामी पंचायती राज चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विवादित मामलों की निगरानी, नाकाबंदी के दौरान बॉडी कैमरों के उपयोग और साइबर अपराधों में जीरो एफआईआर दर्ज करने पर विशेष जोर दिया गया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में सभी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। पुलिस मुख्यालय में समस्त अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पुलिसकर्मियों के आचरण, अपराधों की रोकथाम, संवेदनशील घटनाओं की निगरानी और पुलिस थानों में लंबित मामलों की समीक्षा के साथ आगामी चुनावों तथा पर्व-त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
डीजीपी श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि ऐसे विवादित मामलों को प्राथमिकता से चिह्नित किया जाए, जिनके कारण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। इन मामलों की सूची तैयार कर नियमित निगरानी की जाए और थाना, वृत्त तथा जिला स्तर पर उनकी समीक्षा की जाए। राजस्व, वन विभाग सहित संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। विवादों को गंभीर रूप लेने से पहले नियंत्रित करने के लिए समझाइश, निरोधात्मक कार्रवाई और अन्य वैधानिक उपाय अपनाने के निर्देश भी दिए गए।
पुलिसकर्मियों की अपराधों में संलिप्तता के मामलों को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने संबंधित कार्मिकों की पहचान, निगरानी और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस थानों और फील्ड में तैनात कर्मचारियों का व्यवहार आमजन के प्रति संवेदनशील, सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक होना चाहिए। पुलिस अधिकारियों को परिवादियों की नियमित सुनवाई करने तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
हाल के दिनों में हुई विभिन्न घटनाओं की समीक्षा के दौरान डीजीपी ने संवेदनशील और गंभीर मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने ऐसी घटनाओं की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने, तथ्यों के आधार पर त्वरित एवं समुचित कार्रवाई करने और प्रेस तथा सोशल मीडिया के माध्यम से समय पर तथ्यपरक जानकारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जिम्मेदारी निर्धारित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस थानों में लंबित प्रकरणों के निस्तारण को लेकर जवाबदेही तय करते हुए डीजीपी ने निर्देश दिए कि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों की समीक्षा संबंधित पुलिस अधीक्षक करेंगे, जबकि तीन वर्ष से अधिक अवधि से लंबित मामलों की समीक्षा संबंधित रेंज आईजी करेंगे। पुराने मुकदमों के साथ लंबित चालान और अंतिम रिपोर्ट (एफआर) के निस्तारण के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा गया। लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर उनके निस्तारण में आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश भी दिए गए।
अपराध के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं भारतीय दंड संहिता (भादंसं) के तहत दर्ज प्रकरणों में पांच प्रतिशत से अधिक वृद्धि वाले जिलों को अपराधों का विश्लेषण कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। एनडीपीएस एक्ट के तहत अपेक्षाकृत कम प्रकरण दर्ज करने वाले जिलों को मादक पदार्थों के विरुद्ध सक्रियता बढ़ाकर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। महिला अत्याचार से संबंधित मामलों में अधिक वृद्धि वाले जिलों को कारणों का विश्लेषण कर ठोस एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए गए। स्थानीय एवं विशेष अधिनियमों तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत न्यूनतम कार्रवाई वाले जिलों की भी समीक्षा की गई और अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया।
आगामी पंचायती राज चुनावों और पर्व-त्योहारों के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जिलों को आवश्यक पुलिस बल की तैनाती की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करने, नियमित गश्त बढ़ाने और प्रभावी नाकाबंदी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। पर्व-त्योहारों के दौरान पुलिस की सक्रिय उपस्थिति बनाए रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी करने को भी कहा गया।
डीजीपी श्री शर्मा ने पर्व-त्योहारों के दौरान कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की फील्ड में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की निरंतर निगरानी करते हुए आमजन की सुरक्षा, पुलिस की जवाबदेही और जनता के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
नाकाबंदी के दौरान पारदर्शिता और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए। शराब पीकर वाहन चलाने वालों, संदिग्ध वाहनों और तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। अपराध की सूचना मिलते ही पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखने और घटनास्थल पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
अपराधों की रोकथाम के लिए डीजीपी ने निरोधात्मक एवं प्रो-एक्टिव पुलिसिंग को मजबूत करने के निर्देश दिए। इसके तहत राजस्थान प्रिवेंशन ऑफ डेंजरस एक्टिविटीज (राजपासा), बीएनएस की संबंधित धाराओं, गुंडा एक्ट और एनडीपीएस से संबंधित निरोधात्मक प्रावधानों सहित अन्य वैधानिक उपायों का प्रभावी उपयोग करने को कहा गया। साइबर अपराधों के मामलों में जीरो एफआईआर दर्ज कर अधिकाधिक पीड़ितों को राहत पहुंचाने और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में लंबित मामलों के निस्तारण से लेकर अपराध नियंत्रण, संवेदनशील घटनाओं की निगरानी, नाकाबंदी, साइबर अपराधों और आगामी पंचायती राज चुनावों की सुरक्षा तैयारियों तक विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। डीजीपी ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर रखने और आमजन की सुरक्षा, पुलिस की जवाबदेही तथा जनता के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
