राजस्थान पुलिस की साइबर एडवाइजरी: फेस्टिव सेल में ऑनलाइन ठगी से कैसे बचें
फर्जी शॉपिंग वेबसाइट, एआई लिंक और छिपे चार्ज से सुरक्षित रहने के लिए पुलिस ने जारी किए सुरक्षा उपाय और साइबर हेल्पलाइन नंबर।

फ्लिपकार्ट और अमेजन की फेस्टिव सेल में भारी छूट और आकर्षक ऑफर के बीच साइबर ठगी का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने एआई से तैयार फर्जी शॉपिंग पेज, फिशिंग मैसेज, नकली वेबसाइट और ऑनलाइन भुगतान के दौरान छिपे चार्ज से सतर्क रहने की अपील की है। ग्राहकों को खरीदारी से पहले वेबसाइट की प्रामाणिकता जांचने और भुगतान संबंधी सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
सवाई माधोपुर, 16 अक्टूबर। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस (आर4सी) ने बड़ी ई-कॉमर्स फेस्टिव सेल के दौरान संभावित साइबर धोखाधड़ी को लेकर यह एडवाइजरी जारी की है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री वीके सिंह एवं जिला पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ने के साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म साइबर अपराधियों के मुख्य निशाने पर रहते हैं। त्योहारों की सेल, फ्लैश डील्स और थर्ड पार्टी वेंडर की कमजोरियों का फायदा उठाकर साइबर ठग ग्राहकों को अपने जाल में फंसाते हैं।
फेस्टिव सीजन में साइबर अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से शॉपिंग इंटरफेस की नकल कर वास्तविक दिखने वाले फर्जी डिस्काउंट लिंक तैयार कर सकते हैं। ऐसे लिंक ग्राहकों को आकर्षक ऑफर का लालच देकर नकली वेबसाइट तक पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, फर्जी एसएमएस और ईमेल के जरिए ऑर्डर अपडेट, गिफ्ट कार्ड या भारी छूट का झांसा देकर यूजर की लॉगिन संबंधी जानकारी और अन्य क्रेडेंशियल चुराने की कोशिश की जाती है।
राजस्थान पुलिस ने ऑनलाइन खरीदारी के दौरान डार्क पैटर्न और बास्केट स्नीकिंग को लेकर भी सतर्क किया है। चेकआउट के समय ग्राहकों की जानकारी के बिना अतिरिक्त फीस या इंश्योरेंस प्रोडक्ट जोड़ दिए जा सकते हैं। वहीं, बड़े ऑनलाइन मार्केटप्लेस की नकल करने वाली फर्जी वेबसाइटों के जरिए क्रेडिट कार्ड और यूपीआई से जुड़ी जानकारी चुराने का खतरा रहता है।
पुलिस ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे खरीदारी के लिए हमेशा आधिकारिक मार्केटप्लेस का यूआरएल स्वयं टाइप करें या सत्यापित मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें। प्रचार संबंधी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। त्योहारों के दौरान लॉटरी या बड़ी जीत का दावा करने वाले अप्रमाणित व्हाट्सऐप संदेशों और एसएमएस पर भरोसा न करें तथा संदेश भेजने वाले की आईडी की जांच करें।
ऑनलाइन भुगतान करने से पहले कार्ट की पूरी समरी ध्यान से देखना भी जरूरी है, ताकि अपने आप जोड़े गए सब्सक्रिप्शन, इंश्योरेंस या अन्य छिपे शुल्क की जानकारी मिल सके। शॉपिंग खातों को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का इस्तेमाल करने के साथ मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एमएफए), टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन या बायोमेट्रिक लॉगिन सक्षम करने की सलाह दी गई है।
राजस्थान पुलिस ने रिटेल प्लेटफॉर्म पर सीवीवी या कार्ड की जानकारी सेव करने से बचने और यूपीआई अथवा सुरक्षित वॉलेट गेटवे जैसे टोकनयुक्त भुगतान माध्यमों का उपयोग करने पर भी जोर दिया है। इन उपायों से ऑनलाइन खरीदारी के दौरान भुगतान संबंधी संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा में मदद मिल सकती है।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी की घटना होने या ठगों की ओर से धोखाधड़ी की कोशिश किए जाने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने, साइबर पुलिस थाने, साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर सूचना दें। फेस्टिव सेल में खरीदारी करते समय वेबसाइट, संदेश और भुगतान विवरण की जांच करना साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए महत्वपूर्ण है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
