राजस्थान फसल बीमा योजना: खरीफ 2025 के लिए 1150 करोड़ का राज्यांश जारी
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल ने राज्यांश अनुदान जारी किया, जिससे 2.17 करोड़ किसानों को 2237 करोड़ रुपये के दावों का त्वरित भुगतान सुनिश्चित होगा।

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं के आर्थिक संबल और सुरक्षा के लिए एक युगांतकारी निर्णय लिया है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2025 सत्र हेतु पंजीकृत 2.17 करोड़ बीमाधारक किसानों के लिए 1150.04 करोड़ रुपये की राज्यांश अनुदान राशि का भुगतान सफलतापूर्वक कर दिया है। सरकार का यह त्वरित कदम प्राकृतिक आपदाओं की मार झेलने वाले किसानों के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच सिद्ध होगा, जिससे कृषि क्षेत्र में छाई अनिश्चितताओं के बादल छंटेंगे।
कृषि मंत्री ने राज्य की प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्पष्ट किया कि खरीफ 2025 के तहत पात्र फसल बीमा पॉलिसीधारक किसानों को देय लगभग 2237 करोड़ रुपये के दावों का वितरण अत्यंत शीघ्र, त्वरित और प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। इस समयबद्ध वित्तीय सहायता का मुख्य ध्येय प्रभावित किसान परिवारों को संकट की घड़ी में संबल प्रदान करना है, जो अंततः उनकी आय सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित करेगा। यह योजना न केवल फसल की बर्बादी बल्कि असफल बुआई से लेकर, बुआई से कटाई तक की अवधि में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति और कटाई के उपरांत 14 दिनों तक होने वाले 'पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस' पर भी पूर्ण बीमा लाभ की गारंटी देती है। प्रशासन दावों के सत्यापन की प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, तकनीकी आधारित और त्वरित बनाने हेतु संकल्पित है, ताकि किसी भी पात्र किसान को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।
खरीफ 2025 के वित्तीय ढांचे पर प्रकाश डालते हुए डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि किसानों द्वारा कुल 466.14 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा किया गया है। कृषकों पर आर्थिक बोझ को न्यूनतम करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने अपने हिस्से के प्रीमियम अनुदान के रूप में 1150.04 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार ने भी समान राशि यानी 1150.04 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय को दोगुना करने और उनके जोखिमों को कम करने के प्रति पूर्णतः समर्पित है। फसल बीमा योजना का सुदृढ़ीकरण और हर योग्य किसान तक इसका लाभ पहुँचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जो भविष्य में राजस्थान के कृषि परिदृश्य के लिए एक वरदान साबित होगा।

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