राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने और उन्हें नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए 'एक जिला एक उत्पाद' (ओडीओपी) नीति-2024 में दो अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी संशोधन किए गए हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत अब मार्बल मूर्ति उत्पाद से जुड़े उद्यमों को अपने व्यवसाय के विस्तार पर भी भारी-भरकम मार्जिन मनी अनुदान का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, अब ये उद्यम सरकारी बंदिशों से मुक्त होकर निजी संस्थानों के माध्यम से भी अपना तकनीकी अपग्रेडेशन सुनिश्चित कर सकेंगे।

सवाई माधोपुर के जिला कलक्टर काना राम ने इन संशोधनों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा राज्य बजट 2026-27 में ओडीओपी इकाइयों के विस्तार हेतु मार्जिन मनी देने की अत्यंत महत्वाकांक्षी घोषणा की गई थी। इस नए संशोधन के प्रभावी होने से अब अपने व्यवसाय का विस्तार करने वाली सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों को 20 लाख रुपये तक का मार्जिन मनी अनुदान प्राप्त हो सकेगा। इस विशेष प्रावधान को धरातल पर उतारने के लिए सरकार द्वारा 15 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट की भी पुख्ता व्यवस्था की गई है, जबकि पूर्व में यह लाभ केवल नई इकाइयों की स्थापना तक ही सीमित था। तकनीकी आधुनिकीकरण के क्षेत्र में हुए दूसरे बड़े बदलाव को रेखांकित करते हुए जिला कलक्टर ने बताया कि ओडीओपी नीति के तहत अब उद्यमी निजी संस्थानों के माध्यम से भी तकनीकी अपग्रेडेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे, जिसके लिए सरकार द्वारा 5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इससे पहले यह वित्तीय लाभ केवल राजकीय संस्थानों के माध्यम से तकनीक अपग्रेडेशन कराने की अनिवार्य शर्त पर ही देय था। इस युगांतरकारी बदलाव से ओडीओपी इकाइयां नवीनतम तकनीक और आधुनिक मशीनें बेहद सुगमता से प्राप्त कर सकेंगी, जिससे न केवल ऊर्जा की खपत में भारी कमी आएगी बल्कि उत्पादों की गुणवत्ता में भी विश्वस्तरीय सुधार होगा।

उद्योग विभाग द्वारा ओडीओपी नीति के माध्यम से प्रदेश की अधिक से अधिक इकाइयों को लाभान्वित कर स्थानीय उत्पादों को सुदृढ़ बनाने का व्यापक कार्य किया जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर रोजगार के नए और प्रचुर अवसर सृजित किए जा सकें। इसके तहत राज्य के चयनित ओडीओपी उत्पादों की गुणवत्ता में आमूलचूल सुधार कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के सर्वथा अनुरूप बनाने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य के विशिष्ट उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लागू इस नीति के अंतर्गत सूबे के सभी 41 जिलों में एक-एक विशिष्ट उत्पाद की पहचान की गई है। इस नीति के तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 20 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी अनुदान राशि प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर की खरीद पर 5 लाख रुपये तक का अनुदान, तथा क्वालिटी सर्टिफिकेशन और आईपीआर (बौद्धिक संपदा अधिकार) प्राप्त करने पर 3 लाख रुपये तक का पुनर्भरण सीधे राज्य सरकार द्वारा देय है। उद्यमियों को सशक्त बाजार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विपणन आयोजनों व मेलों में भाग लेने पर 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की फीस पर 1 लाख रुपये प्रतिवर्ष की दर से लगातार 2 साल तक पुनर्भरण और उत्पादों की कैटलॉगिंग व समर्पित ई-कॉमर्स वेबसाइट के विकास के लिए 75 हजार रुपये तक की एकमुश्त वित्तीय सहायता देने का अत्यंत कल्याणकारी प्रावधान भी इसमें समाहित किया गया है, जो राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने में गेमचेंजर साबित होगा।

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