राजस्थान सरकार ने अल्पसंख्यक वर्ग के बेरोजगार युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री एवं अल्पसंख्यक मामलात विभाग के कैबिनेट मंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन के लिए 300 लाख रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में 700 युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अल्पसंख्यक मामलात विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्वनी भगत झाझड़िया ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि युवाओं के लिए ट्रेडवार समर्पित (डेडीकेटेड) बैच बनाकर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। विभाग के निदेशक मातादीन मीणा ने बताया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अपने-अपने जिले में राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम लिमिटेड (आरएसएलडीसी) के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रशिक्षण बैच तैयार करेंगे।

उन्होंने बताया कि युवाओं के चयन की प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी की जाएगी। चयन कार्य आरएसएलडीसी के प्रशिक्षण प्रदाताओं तथा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के संयुक्त प्रयास से संपन्न होगा। इसके बाद प्रशिक्षण कार्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ किया जाएगा।

अल्पसंख्यक मामलात विभाग के उप निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि प्रस्तावित एवं संचालित प्रशिक्षण केंद्रों का जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद डेडीकेटेड बैचों को अंतिम रूप देकर प्रशिक्षण गतिविधियों को गति दी जाएगी।

योजना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए सीटों का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। जयपुर जिले को सर्वाधिक 72 सीटें आवंटित की गई हैं, जबकि अलवर को 57, श्रीगंगानगर को 47, नागौर को 42, जोधपुर को 41, भरतपुर को 36, अजमेर को 34, बाड़मेर को 32, हनुमानगढ़ एवं सीकर को 30-30 तथा सवाई माधोपुर जिले को 15 सीटें प्रदान की गई हैं।

राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद के अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार का यह कदम समावेशी विकास और “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से अल्पसंख्यक वर्ग के युवा आत्मनिर्भर बनेंगे और अपने समुदाय के साथ-साथ प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत ब्यूटी एंड वेलनेस, सलून एवं ब्यूटी सेवाएं, गारमेंट मेकिंग, हेल्थ केयर, कंप्यूटर एवं आईटी आधारित पाठ्यक्रमों सहित अन्य रोजगारपरक अल्पकालीन प्रशिक्षण कोर्स संचालित किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को रोजगार योग्य कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार एवं नौकरी के अवसरों से जोड़ना है।

राज्य सरकार की यह पहल अल्पसंख्यक वर्ग के बेरोजगार युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाली मानी जा रही है। कौशल विकास आधारित यह कार्यक्रम न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

Pratahkal Bureau

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