राजस्थान में 15 जुलाई से गर्भवती महिलाओं की सघन स्क्रीनिंग, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पर रहेगी विशेष निगरानी
राजस्थान में 15 जुलाई से शुरू हुए पांच दिवसीय अभियान में सभी गर्भवती महिलाओं की सघन स्क्रीनिंग होगी। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की विशेष निगरानी और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से 15 जुलाई से प्रदेशभर में पांच दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत सभी गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य मानकों की सघन स्क्रीनिंग की जाएगी। इस दौरान प्रसवपूर्व स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जांचों का रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा और प्रत्येक गर्भवती महिला के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
इस संबंध में प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक में प्रदेश के सभी चिकित्साधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फील्ड में कार्यरत आशा वर्कर, एएनएम और सीएचओ के माध्यम से स्क्रीनिंग का कार्य पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच और नियमित स्क्रीनिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर आशा वर्कर, एएनएम, सीएचओ तथा संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
श्रीमती राठौड़ ने कहा कि मातृ मृत्यु की प्रत्येक घटना अत्यंत गंभीर है और इसे रोकने के लिए गर्भावस्था की शुरुआत से लेकर प्रसव तथा प्रसवोत्तर अवधि तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश मातृ मृत्यु के मामलों में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की समय पर पहचान और उसका प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए प्रत्येक गर्भवती महिला का गर्भधारण के प्रथम 12 सप्ताह के भीतर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा सभी सूचनाएं समय पर पीसीटीएस पोर्टल पर दर्ज की जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम चार गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। जांच के दौरान रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन, मूत्र परीक्षण, रक्त शर्करा सहित सभी आवश्यक जांचें कर उनका रिकॉर्ड नियमित रूप से अद्यतन रखा जाए। सभी जिलों को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान कर उसके लिए अलग ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पूर्व सिजेरियन, जुड़वां गर्भ, अत्यधिक रक्तस्राव तथा अन्य जटिलताओं वाले मामलों को चिन्हित कर उनका नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक एचआरपी महिला की नामवार सूची उपस्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला स्तर तक उपलब्ध रखने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उसकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि जिलों में मातृ मृत्यु की प्रत्येक घटना का 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक विश्लेषण कराया जाएगा तथा नियमानुसार मैटरनल डेथ रिव्यू किया जाएगा। इसके साथ ही हाई रिस्क प्रेग्नेंसी और मातृ मृत्यु की साप्ताहिक समीक्षा होगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी गर्भवती महिला एएनसी जांच, हीमोग्लोबिन जांच, टीकाकरण अथवा संस्थागत प्रसव से वंचित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं, रक्त की उपलब्धता, प्रसव कक्ष, ऑपरेशन थियेटर तथा नवजात पुनर्जीवन उपकरणों को पूर्ण रूप से कार्यशील स्थिति में रखा जाए। सुरक्षित मातृत्व सेवाओं के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) और राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक प्रसूता की एचआरपी के आधार पर नियमित निगरानी रखना आवश्यक है तथा रेफरल मामलों में रेफरल पर्ची के साथ संपूर्ण चिकित्सकीय विवरण भी भेजा जाए। उन्होंने बताया कि लेबर रूम और ऑपरेशन थियेटर के लिए पूर्व में जारी निर्देशों की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्तर पर सख्ती से पालना सुनिश्चित कराई जाए तथा समय-समय पर उनका सेनिटाइजेशन भी कराया जाए।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
