राजस्थान के पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मा योजना) के तहत अब प्रदेश की सीमाओं से बाहर भी 25 लाख रुपये तक के कैशलेस निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। राज्य सरकार की ओर से लागू की गई आउटबाउंड इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी व्यवस्था के माध्यम से लाभार्थी देश के विभिन्न राज्यों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) से संबद्ध अस्पतालों में उपचार करा सकते हैं।

सवाई माधोपुर, 23 जुलाई। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत लागू इस सुविधा से प्रदेश के हजारों परिवारों को राहत मिली है। पिछले 6 माह में प्रदेश के 30 हजार से अधिक लोगों ने अन्य राज्यों के अस्पतालों में 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज कराया है। यह सुविधा कर्नाटक और तमिलनाडू के अलावा देश के सभी राज्यों में उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के समन्वय से संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी पात्र 1.36 करोड़ परिवारों को प्रति वर्ष 25 लाख रुपये तक के कैशलेस निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना में 2,179 उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य बीमारियों के साथ-साथ कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग और अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार भी शामिल है।

पूर्व में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए प्रदेश के मरीजों को गुजरात, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में जाकर इलाज कराना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2025 से आउटबाउंड इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू की। इसके बाद मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के पात्र परिवार देश के अन्य राज्यों में स्थित पीएमजेएवाई से संबद्ध अस्पतालों में भी कैशलेस उपचार का लाभ उठा रहे हैं।

इस व्यवस्था के तहत अब तक 5,959 क्लेम प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 17 करोड़ रुपये से अधिक है। इन क्लेम्स के माध्यम से मरीजों ने हार्ट स्टेंट, हार्ट बायपास सर्जरी, कैंसर सर्जरी, कीमोथेरेपी, डायलिसिस, जनरल सर्जरी और सिजेरियन प्रसव सहित विभिन्न जटिल उपचारों का लाभ लिया है।

लाभार्थियों ने सबसे अधिक उपचार गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली के अस्पतालों में कराया है। वर्तमान में इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी के तहत देशभर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से संबद्ध लगभग 16 हजार से अधिक सरकारी तथा 14 हजार से अधिक निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है।

इनमें गुजरात के 2,067, हरियाणा के 1,366, मध्यप्रदेश के 1,622, महाराष्ट्र के 1,709, पंजाब के 823, उत्तर प्रदेश के 6,182 तथा दिल्ली के 184 अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों में पात्र परिवारों को योजना के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का प्रत्येक पात्र नागरिक आवश्यकता पड़ने पर राज्य की सीमाओं से बाहर भी बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण उपचार प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल है।

मा योजना की यह सुविधा प्रदेश के पात्र परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ा रही है, जिससे गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अब राज्य से बाहर जाने वाले मरीजों को भी कैशलेस और निःशुल्क इलाज का लाभ मिल रहा है।

Pratahkal Bureau

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