जयपुर/सवाई माधोपुर, 5 नवंबर।

राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (Special Intensive Revision - SIR) 2026 तेजी से गति पकड़ रहा है। प्रदेशभर में मतदाता सूची को अद्यतन और सटीक बनाने की दिशा में यह पहल अब जमीनी स्तर तक पहुंच चुकी है। कार्यक्रम के दूसरे दिन यानी बुधवार तक राज्य में 30 लाख से अधिक गणना प्रपत्र (Enumeration Forms - EF) बूथ स्तर अधिकारियों (BLOs) द्वारा घर-घर जाकर वितरित किए जा चुके हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि 199 विधानसभा क्षेत्रों में गणना प्रपत्रों की छपाई और वितरण का कार्य पूरी पारदर्शिता और प्रभावी रणनीति के साथ संचालित हो रहा है। चित्तौड़गढ़ और अलवर जिले इस वितरण अभियान में लगातार दो दिनों से अग्रणी बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम से जुड़ी सभी गतिविधियां निर्धारित समयसीमा के अनुरूप और सुचारू रूप से आगे बढ़ रही हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य के मौजूदा मतदाताओं की जानकारी को विगत विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की मतदाता सूची के साथ जोड़ा जा रहा है। इस वंशावली मानचित्रण (Mapping) के तहत, यदि किसी वर्तमान मतदाता के माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का नाम पूर्व मतदाता सूची में दर्ज है, तो पारिवारिक संबंधों के सत्यापन के माध्यम से डेटा का सटीक मिलान किया जा रहा है।

अब तक 40 वर्ष से अधिक आयु के 84.98 प्रतिशत मतदाताओं तथा 40 वर्ष से कम आयु के 53.28 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। इस प्रकार प्रदेश के कुल 68.17 प्रतिशत मतदाता पूर्व विशेष पुनरीक्षण सूची से सफलतापूर्वक मैप हो चुके हैं। जिनका यह मिलान पूरा हो गया है, उन्हें किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी — केवल गणना प्रपत्र में आवश्यक सूचनाएँ भरनी होंगी।

मैपिंग कार्य में बाड़मेर, नागौर, बालोतरा, जालौर और दौसा जिले सबसे आगे हैं, जबकि जयपुर, जोधपुर, कोटा, श्रीगंगानगर और अजमेर में इस दिशा में और अधिक सक्रियता की जरूरत बताई गई है।

महाजन ने बताया कि यह मैपिंग प्रक्रिया मतदाताओं के लिए एक बड़ी सुविधा सिद्ध हो रही है। जिनका मिलान देश के किसी भी राज्य की पिछली मतदाता सूची से हो जाता है, उन्हें दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पड़ेंगे, जिससे समय और प्रयास दोनों की बचत होगी।

उन्होंने बताया कि 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक जारी गणना चरण के दौरान प्रत्येक BLO घर-घर जाकर दो प्रतियों में गणना प्रपत्र वितरित कर रहा है। इस फॉर्म में मतदाता की सामान्य जानकारी जैसे नाम, ईपिक नंबर, पता, भाग संख्या, विधानसभा क्षेत्र आदि पूर्व मुद्रित हैं। मतदाता को केवल परिवारजन से संबंधित अतिरिक्त जानकारी जैसे पिता/माता का नाम, जीवनसाथी का विवरण और मोबाइल नंबर भरने हैं। यदि मतदाता विगत SIR सूची में शामिल था, तो उसे अपने पिछले भाग क्रमांक व विधानसभा क्षेत्र का विवरण भरना होगा, अन्यथा अपने रिश्तेदारों के माध्यम से संबंध विवरण प्रदान करना होगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे 4 दिसंबर तक अपने BLO को गणना प्रपत्र के साथ नवीनतम रंगीन फोटो और आवश्यक विवरण जमा कराएं, ताकि एक स्वच्छ, त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची का निर्माण हो सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान लोकतंत्र के सशक्तीकरण की दिशा में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का प्रतीक है।राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (Special Intensive Revision - SIR) 2026 तेजी से गति पकड़ रहा है। प्रदेशभर में मतदाता सूची को अद्यतन और सटीक बनाने की दिशा में यह पहल अब जमीनी स्तर तक पहुंच चुकी है। कार्यक्रम के दूसरे दिन यानी बुधवार तक राज्य में 30 लाख से अधिक गणना प्रपत्र (Enumeration Forms - EF) बूथ स्तर अधिकारियों (BLOs) द्वारा घर-घर जाकर वितरित किए जा चुके हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि 199 विधानसभा क्षेत्रों में गणना प्रपत्रों की छपाई और वितरण का कार्य पूरी पारदर्शिता और प्रभावी रणनीति के साथ संचालित हो रहा है। चित्तौड़गढ़ और अलवर जिले इस वितरण अभियान में लगातार दो दिनों से अग्रणी बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम से जुड़ी सभी गतिविधियां निर्धारित समयसीमा के अनुरूप और सुचारू रूप से आगे बढ़ रही हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य के मौजूदा मतदाताओं की जानकारी को विगत विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की मतदाता सूची के साथ जोड़ा जा रहा है। इस वंशावली मानचित्रण (Mapping) के तहत, यदि किसी वर्तमान मतदाता के माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का नाम पूर्व मतदाता सूची में दर्ज है, तो पारिवारिक संबंधों के सत्यापन के माध्यम से डेटा का सटीक मिलान किया जा रहा है।

अब तक 40 वर्ष से अधिक आयु के 84.98 प्रतिशत मतदाताओं तथा 40 वर्ष से कम आयु के 53.28 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। इस प्रकार प्रदेश के कुल 68.17 प्रतिशत मतदाता पूर्व विशेष पुनरीक्षण सूची से सफलतापूर्वक मैप हो चुके हैं। जिनका यह मिलान पूरा हो गया है, उन्हें किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी — केवल गणना प्रपत्र में आवश्यक सूचनाएँ भरनी होंगी।

मैपिंग कार्य में बाड़मेर, नागौर, बालोतरा, जालौर और दौसा जिले सबसे आगे हैं, जबकि जयपुर, जोधपुर, कोटा, श्रीगंगानगर और अजमेर में इस दिशा में और अधिक सक्रियता की जरूरत बताई गई है।

महाजन ने बताया कि यह मैपिंग प्रक्रिया मतदाताओं के लिए एक बड़ी सुविधा सिद्ध हो रही है। जिनका मिलान देश के किसी भी राज्य की पिछली मतदाता सूची से हो जाता है, उन्हें दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पड़ेंगे, जिससे समय और प्रयास दोनों की बचत होगी।

उन्होंने बताया कि 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक जारी गणना चरण के दौरान प्रत्येक BLO घर-घर जाकर दो प्रतियों में गणना प्रपत्र वितरित कर रहा है। इस फॉर्म में मतदाता की सामान्य जानकारी जैसे नाम, ईपिक नंबर, पता, भाग संख्या, विधानसभा क्षेत्र आदि पूर्व मुद्रित हैं। मतदाता को केवल परिवारजन से संबंधित अतिरिक्त जानकारी जैसे पिता/माता का नाम, जीवनसाथी का विवरण और मोबाइल नंबर भरने हैं। यदि मतदाता विगत SIR सूची में शामिल था, तो उसे अपने पिछले भाग क्रमांक व विधानसभा क्षेत्र का विवरण भरना होगा, अन्यथा अपने रिश्तेदारों के माध्यम से संबंध विवरण प्रदान करना होगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे 4 दिसंबर तक अपने BLO को गणना प्रपत्र के साथ नवीनतम रंगीन फोटो और आवश्यक विवरण जमा कराएं, ताकि एक स्वच्छ, त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची का निर्माण हो सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान लोकतंत्र के सशक्तीकरण की दिशा में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का प्रतीक है।

Pratahkal Bureau

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प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

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