राजस्थान में किसानों के लिए नई खाद व्यवस्था, 18 जिलों में शुरू होगा प्रयोग
राजस्थान में किसानों के लिए खाद बुकिंग की नई व्यवस्था शुरू होगी। फ्रेमवर्क फर्टिलाइजर ऐप से 18 जिलों में खाद वितरण का प्रयोग होगा।

किसानों को खाद के लिए दुकानों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों से राहत देने की दिशा में राजस्थान में नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है। भारतीय किसान संघ राजस्थान प्रदेश के आह्वान पर शनिवार को शाम 4 बजे से 6 बजे तक वेबेक्स ऐप के माध्यम से आयोजित ऑनलाइन बैठक में कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने किसान प्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया। बैठक में खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और कृषि अनुदान से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
ऑनलाइन बैठक में राजस्थान के प्रत्येक जिले के जिला अध्यक्ष, जिला मंत्री और जिला प्रचार प्रमुख सहित संभाग, प्रांत एवं प्रदेश के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य किसानों की जमीनी समस्याओं को सीधे कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाना और उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाना रहा।
कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने बताया कि आगामी दिनों में किसानों को यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरक फ्रेमवर्क फर्टिलाइजर ऐप के माध्यम से उपलब्ध होंगे। किसान अपने मोबाइल से खाद की बुकिंग कर सकेंगे। बुकिंग के बाद किसान अपने आसपास के अधिकृत खाद विक्रेता से खाद प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था का प्रयोग फिलहाल राजसमंद एवं सिरोही जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया, जहां इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसी सफलता को देखते हुए आगामी मंगलवार से राजस्थान के 18 जिलों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
नई व्यवस्था लागू होने से किसानों को खाद के लिए अनावश्यक रूप से दुकानों के चक्कर लगाने, लंबी कतारों में खड़े रहने और खाद की उपलब्धता को लेकर होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है। किसान अपने मोबाइल फोन से फ्रेमवर्क फर्टिलाइजर ऐप पर खाद की बुकिंग कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नजदीकी खाद विक्रेता से खाद प्राप्त कर सकेंगे।
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। कृषि आयुक्त ने कहा कि फसल बीमा योजना में सामने आ रही विभिन्न कमियों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अंतिम छोर पर बैठे किसान तक योजना का वास्तविक लाभ पहुंच सके। उन्होंने किसान प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जाएंगे।
कृषि आयुक्त ने यह भी कहा कि महीने में दो बार इसी प्रकार की ऑनलाइन बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में किसान प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सीधे कृषि विभाग के सामने रख सकेंगे। इससे समस्याओं की जानकारी सीधे उच्च स्तर तक पहुंचेगी और उनके समाधान की दिशा में त्वरित प्रयास किए जा सकेंगे।
बैठक के दौरान भारतीय किसान संघ के कई पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों ने अपने-अपने जिलों की कृषि संबंधी समस्याएं कृषि आयुक्त के समक्ष रखीं। कई मामलों में कृषि आयुक्त ने बैठक के दौरान ही संबंधित जिले के कृषि विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर समस्या के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। किसान प्रतिनिधियों ने कृषि आयुक्त की इस कार्यशैली को किसान हित में सराहनीय और सकारात्मक पहल बताया।
बैठक में कृषि अनुदान से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय पर भी चर्चा हुई। किसानों द्वारा कृषि अनुदान प्राप्त करने के लिए ₹500 के स्टांप लिए जाने की समस्या किसान प्रतिनिधियों ने कृषि आयुक्त के समक्ष रखी। किसानों की परेशानी को देखते हुए कृषि आयुक्त ने ₹500 के स्टांप की राशि घटाकर ₹50 करने की बात कही। इससे किसानों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
भारतीय किसान संघ राजस्थान प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रवीण सिंह चौहान एवं प्रदेश महामंत्री श्री तुलसाराम सीवर के नेतृत्व में आयोजित ऑनलाइन बैठक में खाद वितरण व्यवस्था को सरल बनाने, फ्रेमवर्क फर्टिलाइजर ऐप के माध्यम से मोबाइल से खाद की बुकिंग की सुविधा देने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की कमियों को दूर करने, कृषि अनुदान में किसानों को राहत देने और किसानों की समस्याओं का विभागीय स्तर पर त्वरित समाधान करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
भारतीय किसान संघ पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं को सीधे संबंधित अधिकारियों के सामने रखना और बैठक के दौरान ही उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करवाना संगठन एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नियमित रूप से होने वाली ऐसी बैठकों से प्रदेशभर के किसानों की समस्याओं के समाधान को गति मिलने की उम्मीद है।

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