बामनवास। राजस्थान सरकार के मुखिया भजनलाल शर्मा और शिक्षा विभाग के मुखिया मदन दिलावर के दिशा निर्देश पर विद्यालयी शिक्षा विभाग के द्वारा राजस्थान में पहली बार नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारम्भ ऋषभदेव पखवाड़े से शुरू करना सरकार का बड़ा फैसला है। दिनांक 3.4.2026 को सामने आया यह ऐतिहासिक निर्णय विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति के साथ आध्यात्मिक परम्परा से परिचित कराने का एक सार्थक प्रयास है। इससे विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव की भावना का विकास होगा, जो उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रशासनिक आदेश और आयोजन की रूपरेखा

इस सम्बन्ध में प्रारम्भिक शिक्षा एवं पं. राज, (प्राथमिक शिक्षा) विभाग के निदेशक सीताराम जाट ने शासन स्तर से प्रदत्त निर्देशों की पालना में आदेश जारी कर समस्त मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समग्र शिक्षा एवं समस्त जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारम्भिक शिक्षा को ऋषभ पखवाड़े के अन्तर्गत सभी विद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन करने के निर्देश प्रदान किये है। इस निर्णय को अल्पसंख्यक वर्ग और युवा वर्ग ने सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संवाद की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया है।

तीन आयु वर्गों में आयोजित होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएं

शिक्षा विभाग ने कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित करने के लिए इसे तीन श्रेणियों में विभाजित किया है। पूर्व प्राथमिक स्तर के तीन से छह वर्ष के नन्हे विद्यार्थियों के लिए ऋषभदेव की स्तुति, प्रार्थना, कहानी सुनना, श्रमणों के प्रवचन, चित्रकारी और पोस्टर निर्माण जैसी गतिविधियां तय की गई हैं। प्राथमिक स्तर पर सात से ग्यारह वर्ष के छात्रों हेतु ऋषभदेव की स्तुति, प्रार्थना, कहानी सुनना, श्रमणों के प्रवचन, चित्रकला, पोस्टर निर्माण, निबन्ध लेखन, कविता एवं एकल गायन का आयोजन होगा। माध्यमिक स्तर के 12-18 वर्ष के किशोरों के लिए ऋषभदेव की स्तुति, प्रार्थना, श्रमणों के प्रवचन, एकल गायन, रंगोली, निबन्ध लेखन, रचनात्मक लेखन, योग शिविर, कविता, समूह चर्चा, डिजिटल प्रस्तुतियां और मूक अभिनय जैसे रचनात्मक कार्य निर्धारित किए गए हैं।

चित्रकला के विशेष विषय और सांस्कृतिक महत्व

चित्रकला और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में भगवान ऋषभदेव के जन्म एवं दीक्षा, तप, ज्ञान, उपदेश और चारित्र से जुड़े प्रसंगों के साथ राष्ट्रीय एकता, ऋषभदेव का प्रतीक चिन्ह (बैल), स्वास्तिक और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय शामिल किए गए है। यह ऐतिहासिक निर्णय विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति के साथ आध्यात्मिक परम्परा से परिचित कराने का एक सार्थक प्रयास है जिससे उनमें नैतिक मूल्यों का विकास होगा।

आवश्यक जानकारी एवं सहायता के लिए संपर्क सूत्र

राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् ने प्रदेश के सभी विद्यालयों के संस्था प्रधान और निदेशकों से अपील की है कि ऋषभ पखवाड़े के बारे आवश्यक जानकारी प्राप्त करने तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए सम्बन्धित जिले के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारी से कार्यालय समय में सम्पर्क कर ली जा सकती है या फिर rsjyp21@gmail.com पर मेल कर प्राप्त कर सकते है।

महापुरुषों के जीवन दर्शन से प्रेरणा और षट्कर्म सिद्धांत

इस अवसर पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग के पूर्व अध्यक्ष और राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के परम संरक्षक जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन ने सरकार के इस फैसले को युवा वर्ग और नवीन युवा वर्ग के हित में बताते हुए कहा कि "नवीन शैक्षणिक सत्र में विधार्थी वैदिक संस्कृति और श्रमण संस्कृति की परम्पराओं से अवगत होगे।" संरक्षक डॉ. शीतल प्रसाद जैन और खिल्लीमल जैन ने बताया कि "राजस्थान सरकार के विद्यालयी शिक्षा विभाग के द्वारा चलाए जा रहे ऋषभ पखवाड़े से विद्यार्थियों को भगवान ऋषभदेव के जीवन से अहिंसा और अपरिग्रह के पालना करने की सीख के साथ आत्म-साक्षात्कार करने का अवसर मिलेगा।" सह संरक्षक लोकेश जैन और मंगल चन्द जैन ने बताया कि भगवान ऋषभ देव द्वारा प्रतिपादित षट्कर्म सिद्धान्त (असि, मसि, कृषि, वाणिज्य, शिल्प और कला) विद्यार्थियों के भविष्य में जीवनयापन करने में बहुत उपयोगी होगा।

मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग की टीम का जताया आभार

अल्पसंख्यक वर्ग के शिक्षाविदों एवं युवा वर्ग ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, शासन सचिव स्कूल शिक्षा राजेश कुमार यादव, निदेशक माध्यमिक और प्रारम्भिक शिक्षा सीताराम जाट, विशेष सचिव चित्रा गुप्ता, शासन उप सचिव राजेश दत्त माथुर तथा मोनिका बराला और गोविन्द नारायण दाधिच, सहायक शासन सचिव विजय सिंह और हरिनारायण मीणा, अतिरिक्त निदेशक शैलेन्द्र देवड़ा, राजकुमार शर्मा, अनुभाग अधिकारी सुश्री ज्योति सोनी और दीपा मीणा, सहायक निदेशक गुणवत्ता जितेन्द्र सिंह आदि का आभार प्रकट करते हुए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

नाम: हरक चंद जैन

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)

परिचय

हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
  • अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।

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