राजस्थान: सहकारी समितियों से ही मिलेगा उर्वरक, कालाबाजारी पर रोक के निर्देश
सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने इफको और कृभको को केवल सहकारी समितियों के माध्यम से खाद वितरण और नकली उत्पादों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

जयपुर स्थित शासन सचिवालय में आगामी खरीफ और रबी सीजन में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक और उपस्थित वरिष्ठ अधिकारीगण।
आगामी खरीफ और रबी सीजन से पहले राजस्थान सरकार ने किसानों को निर्बाध उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने इफको और कृभको अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य में उर्वरकों का वितरण पूर्ण रूप से क्रय-विक्रय सहकारी समितियों और ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से ही किया जाए। उन्होंने निजी डीलरों के जरिए उर्वरक वितरण पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश भी जारी किए।
शुक्रवार को शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष में आगामी खरीफ एवं रबी सीजन में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री दक ने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से वितरण सुनिश्चित होने से किसानों को उचित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होगी और कालाबाजारी की घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि जिन ब्लॉकों में अभी सहकारी समितियों के माध्यम से यूरिया और डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, वहां वितरण तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही डूंगरपुर और बांसवाड़ा क्षेत्रों में भी उर्वरक रैक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नकली खाद पर रोक को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। सहकारिता मंत्री ने निर्देश दिए कि सहकारी समितियों के माध्यम से केवल इफको, कृभको और सहकारी मॉडल पर आधारित चुनिंदा कंपनियों की खाद ही बेची जाए। उन्होंने सभी जिला उप रजिस्ट्रारों और निरीक्षकों को सहकारी समितियों के गोदामों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अन्य किसी कंपनी के उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध न हों। निरीक्षण के फोटोग्राफ्स भेजना भी अनिवार्य किया गया है।
मंत्री दक ने कहा कि किसान हित में सहकारी आंदोलन की भावना के अनुरूप उर्वरक वितरण व्यवस्था को मजबूत करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों और प्रत्येक ब्लॉक में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा अतिरिक्त आवंटन के लिए केन्द्र सरकार से लगातार प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसान अभी नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। ऐसे में नैनो उर्वरकों की अनिवार्य बिक्री के बजाय पहले किसानों को इसके लाभों की जानकारी देकर जागरूक किया जाए।
बैठक में मध्यप्रदेश की सहकारी संस्था मार्कफेड की कार्यप्रणाली के अध्ययन पर भी चर्चा हुई। सहकारिता मंत्री ने कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों का संयुक्त दल मध्यप्रदेश भेजने के निर्देश दिए।
इफको, कृभको और कृषि विभाग के अधिकारियों ने बैठक में उर्वरकों के आवंटन, वितरण, भंडारण और मॉनिटरिंग व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मांग केन्द्र सरकार को भेजी जा चुकी है और आवश्यक आवंटन प्राप्त हो चुका है।
बैठक में किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र के रूप में विकसित किए जाने पर भी चर्चा हुई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पैक्स व्यवस्थापकों को लाइसेंस जारी करने के लिए आयु सीमा में शिथिलता प्रदान की गई है तथा लंबित लाइसेंस शीघ्र जारी किए जाएंगे।
बैठक में सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा, राजफेड के प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी, संयुक्त शासन सचिव सहकारिता विभाग प्रहलाद सहाय नागा, अतिरिक्त निदेशक (इनपुट) गोपाल लाल, अतिरिक्त निदेशक (प्रोसेसिंग) शुद्धोधन उज्ज्वल, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (मार्केटिंग) केदारमल मीणा, इफको के राज्य विपणन प्रबंधक पृथ्वीराज सिहाग और कृभको के राज्य विपणन प्रबंधक रामजीलाल शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य सरकार के इस फैसले को किसानों तक गुणवत्तापूर्ण उर्वरक पहुंचाने, कालाबाजारी रोकने और सहकारी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau
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