राजस्थान: गर्मी में निर्बाध पेयजल आपूर्ति के लिए सीएम के निर्देश, जलदाय विभाग के अवकाश निरस्त
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने पेयजल संकट से निपटने के लिए 210 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए।

सवाई माधोपुर, 20 मार्च। राजस्थान में आगामी भीषण गर्मी के दृष्टिगत आमजन को राहत देने और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रदेशवासियों को शुद्ध एवं समुचित पेयजल उपलब्ध कराने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने जलदाय विभाग के समस्त फील्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं। अब किसी भी अपरिहार्य परिस्थिति में केवल उच्चाधिकारियों की अभिशंषा पर ही अवकाश स्वीकृत किए जा सकेंगे, ताकि पेयजल योजनाओं के संचालन के दौरान धरातल पर अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित रहे।
राज्य सरकार ने ग्रीष्मकाल 2026 के लिए प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु 41 जिलों के लिए भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों के लिए 55.88 करोड़ रुपए तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 154.83 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। विशेष रूप से जल परिवहन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 जुलाई 2026 तक की अवधि हेतु शहरी क्षेत्रों के लिए 23 करोड़ रुपए और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 82.37 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पेयजल संबंधी जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु राज्य स्तर के साथ-साथ प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष भी स्थापित कर दिए गए हैं।
निगरानी और सुचारू आपूर्ति के लिए सरकार ने चरणबद्ध तरीके से श्रमिक और वाहन किराए पर लेने की अनुमति प्रदान की है। मार्च 2026 के लिए 500 श्रमिक एवं 100 वाहन, अप्रैल के लिए 2000 श्रमिक एवं 400 वाहन तथा मई से जुलाई 2026 तक की अवधि के लिए 2500 श्रमिक एवं 450 किराए के वाहन प्रतिमाह लेने की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, आकस्मिक कार्यों के लिए प्रत्येक जिला कलेक्टर को एक-एक करोड़ रुपए की राशि व्यय करने का अधिकार दिया गया है, जिसे अतिरिक्त मुख्य अभियंता की अनुशंसा पर पेयजल व्यवस्था हेतु उपयोग में लाया जा सकेगा। साथ ही, जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत पूर्ण हो चुकी ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं के सफल संचालन के लिए प्रत्येक जिले को 25-25 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि भी आवंटित की गई है। सरकार के इन दूरगामी कदमों से भीषण गर्मी के दौरान प्रदेश में जल संकट के प्रभावी प्रबंधन और आमजन को सुलभ जलापूर्ति की राह प्रशस्त हुई है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
