सवाई माधोपुर, 19 दिसंबर। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (माँ) योजना के तहत अब राजस्थान के नागरिक राज्य की सीमाओं से बाहर भी कैशलैस स्वास्थ्य सेवा का लाभ उठा सकेंगे। यह सुविधा 19 दिसंबर से लागू हो गई है और इसे ‘आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी’ के रूप में पेश किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक घोषणा के साथ प्रदेशवासियों को सूचित किया कि तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर अब देश के सभी राज्यों में योजना का लाभ उपलब्ध होगा।

इस सुविधा के तहत आयुष्मान आरोग्य योजना के पात्र लाभार्थी पीएमजेएवाई एप्लिकेशन के माध्यम से सूचीबद्ध बाहरी अस्पतालों से जुड़कर इलाज करा सकेंगे। वर्तमान में राज्य में योजना से 1800 अस्पताल जुड़े हैं, लेकिन अब प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना से संबद्ध अन्य राज्यों के लगभग 31 हजार नए अस्पताल भी इस एकीकरण का लाभ देने के लिए उपलब्ध होंगे।

राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (आरएसएचएए) ने नेशनल हेल्थ क्लेम एक्सचेंज (NHCX) के साथ सफलतापूर्वक इंटीग्रेशन पूरा कर लिया है। आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी के लिए लाभार्थी की पात्रता निर्धारित करने हेतु गोल्डन एपीआई विकसित की गई है। इस एपीआई के माध्यम से जनाधार आईडी, पीएमजेएवाई कार्ड और वय वंदना योजना के नामांकन डेटा को मर्ज कर राज्य के लाभार्थियों को पूरे देश में योजना का पात्र बनाया गया है।

इस एकीकरण के साथ राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने एनएचसीएक्स के माध्यम से आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी की सुविधा शुरू की है। सरकार ने सिस्टम की सभी प्रकार की परीक्षण प्रक्रियाएँ पूरी कर ली हैं और संभावित तकनीकी त्रुटियों को दूर किया है। राज्य की मां योजना के अंतर्गत 25 लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क है, जबकि अन्य राज्यों में यह राशि लागू नहीं होती।

राजस्थानवासियों के लिए यह पहल न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि उन्हें देशभर में बेहतर और सुगम चिकित्सा सुविधाएँ प्राप्त करने का अवसर भी प्रदान करेगी।

Pratahkal Bureau

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