अनुसूचित जाति परिवारों के लिए स्वरोजगार का सुनहरा अवसर, 50 हजार तक अनुदान मिलेगा
एससी वर्ग के बीपीएल परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं में ऋण के साथ पीएम-एजेएवाई के तहत 50 फीसदी तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

आर्थिक रूप से कमजोर अनुसूचित जाति परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राजस्थान अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न बैंकिंग ऋण योजनाओं का संचालन शुरू किया है। इन योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को ऋण के साथ-साथ 50 हजार रुपये तक का अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला परिषद परिसर स्थित अनुजा निगम कार्यालय के परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार गहलोत ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के ऐसे बीपीएल अथवा समकक्ष परिवार, जिनकी वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम है, उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने के लिए विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। निगम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना है।
उन्होंने बताया कि निगम द्वारा पोप शहरी, पोप ग्रामीण, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, उन्नत भैंस, गाय पालन तथा मुद्रा योजना जैसी विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं के अंतर्गत संबंधित बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत होने के बाद प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) के प्रावधानों के तहत इकाई लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। पीएम-एजेएवाई का उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण और आयवर्धन गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
निगम ने पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर समय पर आवेदन प्रस्तुत करें और स्वरोजगार आधारित गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएं। यह पहल न केवल रोजगार सृजन में सहायक होगी, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Pratahkal Bureau
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