जिलेभर में रविवार, 28 जून से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ हुआ। अभियान के तहत जन्म से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी खुराक पिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा संस्थानों, आंगनवाड़ी केंद्रों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा सुदूर क्षेत्रों में विशेष व्यवस्थाओं के साथ बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर अभियान की शुरुआत की।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि जिले में 2,13,486 बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलेभर में 1,568 पोलियो बूथ स्थापित किए गए, जहां 3,136 कार्मिकों ने अपनी सेवाएं दीं। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ईंट-भट्टों, निर्माण स्थलों, दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 103 मोबाइल टीमें तथा 42 ट्रांजिट टीमें तैनात की गईं। अभियान के पहले दिन सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई।

उन्होंने बताया कि अभियान के दूसरे चरण में सोमवार और मंगलवार को 1,568 हाउस-टू-हाउस टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथों तक नहीं पहुंच सके। अभियान के सुचारु संचालन के लिए वैक्सीन की सुरक्षा और वितरण हेतु कोल्ड चेन प्वाइंट भी निर्धारित किए गए हैं।

डॉ. जेमिनी ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की कि वे जन्म से पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य पिलवाएं। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे को पहले भी कई बार पोलियो की दवा पिलाई जा चुकी है, तब भी इस अभियान के दौरान खुराक अवश्य दिलाएं, ताकि बच्चा पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित रह सके। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अभियान में सहयोग करने तथा घर-घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करने की अपील की है, जिससे जिले का कोई भी बच्चा पोलियोरोधी खुराक से वंचित न रहे।

Pratahkal Bureau

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