राजस्थान की राजधानी जयपुर के त्रिवेणी नगर स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को आध्यात्मिक ऊर्जा और वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य एक भव्य राज्य स्तरीय संस्कृत वाङ्मय पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह संपन्न हुआ। निम्बार्क वैदिक संस्कृत समिति, भीलवाड़ा द्वारा आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश चंद्र शर्मा को संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार, संरक्षण और संवर्धन में उनके अतुलनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित “राज्यस्तरीय निम्बार्क वैदिक संस्कृत सम्मान” से अलंकृत किया गया।

समिति के प्रदेश संयोजक डॉ. के.जे. जांगिड़ ने सम्मान की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि प्रकाश चंद्र शर्मा द्वारा संस्कृत के संवर्धन और जन-जागरण हेतु किए गए उत्कृष्ट कार्य न केवल सराहनीय हैं, बल्कि समाज के लिए अनुकरणीय भी हैं। इसी दूरदृष्टि को ध्यान में रखते हुए समिति ने उन्हें इस विशिष्ट सम्मान हेतु चयनित किया। समारोह में विद्वानों और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी उपस्थिति रही, जिसमें केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर परिसर के निदेशक प्रो. लोकनाथ मिश्र, नई दिल्ली से पधारे जीएसटी के अपर आयुक्त दिनेश चंद्र जांगिड़ “सारंग”, जयपुर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर मेघराज मीणा, सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अर्कनाथ चौधरी, पूर्व आईएएस अधिकारी मातादीन शर्मा तथा संस्कृत शिक्षा विभाग के पूर्व शासन सचिव एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. मोहनलाल यादव जैसे गणमान्यजन सम्मिलित हुए।

मुख्य वक्ता के रूप में विचार व्यक्त करते हुए अपर आयुक्त दिनेश कुमार जांगिड़ “सारंग” ने संस्कृत की महिमा पर प्रकाश डालते हुए इसे 'देववाणी' की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि संस्कृत एक दिव्य धारा है जिसमें भारतीय ज्ञान, विज्ञान और आध्यात्म का अमृत समाहित है। इसे वैज्ञानिक एवं सार्वभौमिक भाषा बताते हुए उन्होंने रेखांकित किया कि विश्व की अनेक भाषाओं के मूल में संस्कृत के शब्द विद्यमान हैं, जो इसकी वैश्विक महत्ता को सिद्ध करते हैं। वहीं, वरिष्ठ आईएएस डॉ. मोहनलाल यादव ने संस्कृत को सनातन संस्कृति का मूलाधार बताया। उन्होंने कहा कि वेद, उपनिषद और पुराणों की यह दिव्य विरासत हमारे अस्तित्व की नींव है, जिसे भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी का सामूहिक संकल्प होना चाहिए।

सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत इस समारोह ने एक बार फिर संस्कृत के प्रति सामाजिक अनुराग को सुदृढ़ किया। ज्ञातव्य है कि निम्बार्क वैदिक संस्कृत समिति निरंतर ज्योतिष सम्मेलन, वेदान्त गोष्ठी, व्याख्यानमाला और संस्कृत संभाषण शिविरों के माध्यम से भाषा के उत्थान में संलग्न है। यह सम्मान न केवल एक पत्रकार की कर्तव्यनिष्ठा का प्रतिफल है, बल्कि यह आधुनिक समाज में संस्कृत की प्रासंगिकता और उसके प्रति बढ़ती जागरूकता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है।

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

नाम: मदन मोहन गर्ग

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)

कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला

बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र

परिचय 

मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:

  • बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
  • एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)

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