देश में औपचारिक रोजगार को नई गति देने और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 19 जून 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के सफल क्रियान्वयन के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी, जहां करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की जाएगी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि लाभार्थियों को जारी करेंगे। सरकार के अनुसार इस वित्तीय सहायता से देशभर में 15 लाख से अधिक अतिरिक्त रोजगारों को समर्थन मिलने की संभावना है। विज्ञान भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में नियोक्ता एवं कर्मचारी लाभार्थियों सहित लगभग 1,200 आमंत्रित अतिथि भाग लेंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न राज्यों से आए लाभार्थियों के साथ संवाद भी करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन सहित देशभर के क्षेत्रीय कार्यक्रम स्थलों पर किया जाएगा।

राष्ट्रीय कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। रोजगार सृजन से जुड़े इस महत्त्वपूर्ण आयोजन को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने के लिए देशभर में 200 स्थानों पर समानांतर क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय एवं राज्य मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।

इसी कड़ी में राजस्थान के कोटा जिले में 19 जून 2026 को सायं 4:30 बजे “द एसएसआई एसोसिएशन, पुरुषार्थ भवन, रोड नंबर-5” में क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर मुख्य अतिथि के रूप में तथा विधायक कल्पना देवी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। वहीं लोकसभा अध्यक्ष एवं कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला वीडियो संदेश के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना भारत सरकार की प्रमुख रोजगार-आधारित प्रोत्साहन योजना है, जिसका उद्देश्य संगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का विस्तार करना, पहली बार औपचारिक कार्यबल में शामिल होने वाले कर्मचारियों को सहायता प्रदान करना तथा नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करना है। 99,446 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाली इस योजना का लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों का सृजन करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ ऐसे लाभार्थी होंगे जो पहली बार औपचारिक कार्यबल का हिस्सा बनेंगे। योजना के लाभ 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगारों पर लागू हैं।

योजना के अंतर्गत प्रथम-बार कर्मचारियों को एक माह के वेतन के बराबर, अधिकतम 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दो चरणों में प्रदान की जाती है। यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलता है जो ईपीएफओ में पंजीकृत हैं और जिनका मासिक वेतन एक लाख रुपये तक है। पहली किस्त छह माह की निरंतर सेवा पूरी होने पर तथा दूसरी किस्त बारह माह की सेवा एवं वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूर्ण करने के बाद जारी की जाती है।

दूसरी ओर, अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को भी योजना के तहत प्रोत्साहन दिया जाता है। पात्र नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर दो वर्षों तक प्रति माह अधिकतम 3,000 रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जबकि विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह लाभ तीसरे और चौथे वर्ष तक भी जारी रहता है। योजना के तहत सभी भुगतान डीबीटी प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किए जाते हैं।

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम इसके अब तक के प्रदर्शन में भी दिखाई देता है। मार्च 2026 में योजना के भाग-ए के अंतर्गत 4.41 लाख प्रथम-बार कर्मचारियों को 247 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। वहीं भाग-बी के तहत 17,551 प्रतिष्ठानों को 214 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई, जिससे लगभग 6.46 लाख अतिरिक्त रोजगारों का सृजन संभव हुआ।

राजस्थान में भी योजना ने उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं। भाग-ए के तहत राज्य के 29,596 कर्मचारियों को 13.37 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। इनमें 22,922 पुरुष और 6,674 महिला लाभार्थी शामिल हैं। वहीं भाग-बी के अंतर्गत 2,468 संस्थानों एवं नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए 46.88 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

रोजगार सृजन, कार्यबल के औपचारिकीकरण और सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार की दिशा में आयोजित होने वाला यह राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की बढ़ती प्रभावशीलता का प्रमाण माना जा रहा है। कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को निरंतर प्रोत्साहन प्रदान करते हुए यह योजना विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story