पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर ग्राम खण्डीप में चल रही अनिश्चितकालीन किसान महापंचायत एवं धरने के चौथे दिन आंदोलन ने और व्यापक रूप ले लिया। ग्राम नयागांव-सैमाड़ा से किसानों और ग्रामीणों का जनसैलाब धरना स्थल पर पहुंचा, जहां कमाण्ड क्षेत्र के पंच-पटेलों, किसान नेताओं एवं किसानों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंदोलन को और अधिक संगठित तथा प्रभावी बनाने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।

पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि कमाण्ड क्षेत्र के प्रत्येक गांव में हथाई बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों के माध्यम से लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने और संघर्ष समिति के आह्वान पर हर समय आंदोलन के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि सदियों से चली आ रही भाईचारे की परम्परा को और मजबूत करते हुए सभी गांवों को किसानों के अधिकारों की इस लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

बैठक में संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र ही पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो ऐसा ऐतिहासिक आंदोलन किया जाएगा, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। वक्ताओं ने कहा कि पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर सर्व समाज एकजुट है और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए चल रहे इस आंदोलन को क्षेत्रवासियों का पूर्ण समर्थन प्राप्त है।

धरने के चौथे दिन भी आंदोलन पूरे जोश, उत्साह और अनुशासन के साथ जारी रहा। राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने पुनः मांग की कि सरकार का कोई अधिकृत प्रतिनिधि तत्काल धरना स्थल पर पहुंचकर ज्ञापन प्राप्त करे तथा नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को शीघ्र पूरा करवाए। किसानों ने चेतावनी दी कि लगातार हो रही उपेक्षा के कारण लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, जो आगे चलकर बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

दिनांक 08 जून 2026 को धरना स्थल पर गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीना, पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य, अट्ठाईसा के पंच-पटेल, सर्व समाज के प्रतिनिधि, युवा साथी, महिलाएं, बच्चे तथा हजारों किसान उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग दोहराई।

धरने के समर्थन में नयागांव-सैमाड़ा क्षेत्र की आमजनता भी बड़ी संख्या में पहुंची और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। धरना स्थल पर पहुंचे सम्मानित नागरिकों, पंच-पटेलों, किसानों और संघर्षरत साथियों का स्वागत किया गया। किसान नेताओं ने सभी के स्नेह, सम्मान और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल पानी का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा का संघर्ष है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रभर से मिल रहा अभूतपूर्व जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि कमाण्ड क्षेत्र का किसान अब अपने अधिकारों के लिए पूरी तरह एकजुट हो चुका है।

आंदोलन को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा विभिन्न गांवों को क्रमवार जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। इसी क्रम में 09 जून 2026 से 10 जून 2026 तक धरना स्थल पर रुकने एवं समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ग्राम पिलोंदा को सौंपी गई है। समिति के अनुसार प्रत्येक गांव अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ निभा रहा है तथा आंदोलन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका अदा कर रहा है।

विधायक रामकेश मीना और अन्य किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में शीघ्र पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान बड़ा और निर्णायक निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे तथा आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की हठधर्मिता और उदासीनता किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है, लेकिन अब किसान अपने अधिकारों की लड़ाई निर्णायक रूप से लड़ने के लिए तैयार हैं।

ग्राम खण्डीप की समस्त जनता धरनार्थियों की सेवा, आवभगत और व्यवस्थाओं में पूर्ण समर्पण भाव से जुटी हुई है। पांचना बांध के पानी को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब किसी एक गांव या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे कमाण्ड क्षेत्र के किसानों के अस्तित्व, अधिकार और भविष्य की लड़ाई बन चुका है।

Pratahkal Bureau

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