पांचना जल विवाद के समाधान के लिए आगे आए ‘पानी वाले बाबा’, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
पांचना बांध के पानी को लेकर बढ़ते विवाद के बीच ‘पानी वाले बाबा’ रामनिवास मीना ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सभी पक्षों को एक मंच पर लाकर समाधान निकालने और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को समाप्त करने की अपील की।

करौली में सोमवार को पांचना बांध जल विवाद के स्थायी समाधान के लिए विभिन्न पक्षों से चर्चा करने के बाद मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप और सामाजिक संवाद की मांग करते पूर्व भाजपा प्रत्याशी रामनिवास मीना।
पांचना बांध के पानी को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच अब समाधान की दिशा में पहल तेज होती दिखाई दे रही है। पूर्व भाजपा प्रत्याशी एवं ‘पानी वाले बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध भामाशाह रामनिवास मीना ने मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप कर सभी पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते संवाद के माध्यम से समाधान नहीं निकाला गया तो क्षेत्र में तनाव और आपसी टकराव की स्थिति बनी रह सकती है।
रामनिवास मीना सोमवार को करौली पहुंचे, जहां उन्होंने विधायक दर्शन सिंह, पांचना समिति से जुड़े अशोक सिंह तथा अन्य प्रमुख लोगों के साथ पांचना जल विवाद पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पांचना का मुद्दा केवल जल वितरण का नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन और आजीविका से जुड़ा हुआ विषय है। ऐसे मामलों का समाधान केवल कानूनी प्रक्रियाओं से नहीं, बल्कि आपसी सहमति और सामाजिक संवाद से अधिक प्रभावी ढंग से निकाला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पूर्वी राजस्थान में न्याय, सद्भाव और भाईचारे की परंपरा ‘अट्ठाईसा की अथाई’ से जुड़ी रही है और पांचना जल विवाद का समाधान भी इसी सामाजिक परंपरा के अनुरूप खोजा जा सकता है। उनका मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में पंचों की अथाई के माध्यम से सभी पक्षों को साथ बैठाकर सहमति का रास्ता निकाला जा सकता है।
रामनिवास मीना ने कहा कि किसी भी प्रकार का संघर्ष अभाव की स्थिति में जन्म लेता है। पांचना मामले में भी कैचमेंट एरिया के किसान, कमांड एरिया के लोग तथा गंभीर नदी क्षेत्र के 360 गांवों के निवासी एक ही परिवार की तरह हैं। जब तक पानी की उपलब्धता सीमित रहेगी, तब तक विवाद और असंतोष की स्थिति बनी रह सकती है।
उन्होंने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल उपलब्धता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि जब तक चंबल का पानी पांचना बांध तक नहीं पहुंचेगा, तब तक इस विवाद का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से उन्होंने पूर्व में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया था, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।
रामनिवास मीना के अनुसार, भविष्य में चंबल का पानी पांचना बांध तक पहुंचने से कैचमेंट एरिया, कमांड एरिया और गंभीर नदी क्षेत्र के गांवों को भरतपुर तक पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही करौली शहर की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि कैचमेंट एरिया, कमांड एरिया तथा गंभीर नदी क्षेत्र के प्रतिनिधियों को एक मंच पर बुलाकर पांचना विवाद पर व्यापक चर्चा कराई जाए। उनका कहना है कि संवाद और सहमति के जरिए ही इस जटिल विवाद का समाधान संभव है, जिससे क्षेत्र में भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और स्थायी शांति कायम रह सकेगी।

Pratahkal Bureau
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