पांचना बांध विवाद: पानी की मांग को लेकर खण्डीप में किसानों का महापड़ाव
पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर खण्डीप में किसानों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा, विधायक रामकेश मीना ने दी चेतावनी।

सवाई माधोपुर के ग्राम खण्डीप में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर आयोजित किसान महापंचायत में उपस्थित ग्रामीणों का जनसमूह।
पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर ग्राम खण्डीप में चल रही अनिश्चितकालीन किसान महापंचायत एवं धरना पांचवें दिन और अधिक मजबूत तथा व्यापक रूप में दिखाई दिया। धरना स्थल पर हजारों की संख्या में किसान, पंच-पटेल, युवा साथी, महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे। अट्ठाईसा क्षेत्र के पंच-पटेल, जगरवाल एवं मिच्या समाज के प्रतिनिधियों ने मंच पर पहुंचकर आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
धरना स्थल से संबोधित करते हुए विधायक रामकेश मीना ने कहा कि टोंक के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं विधायक सचिन पायलट सकरघटा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे वहां उपस्थित लोगों से संवाद कर पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने के विषय में सकारात्मक पहल करें, ताकि क्षेत्र में आपसी भाईचारा और सौहार्द बना रहे तथा किसानों की लंबे समय से लंबित मांग का समाधान हो सके।
विधायक मीना ने राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना से भी आग्रह किया कि वे ग्राम कोड़िया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों से चर्चा कर पांचना बांध से संबंधित मुद्दे के शीघ्र समाधान के लिए प्रभावी प्रयास करें। उन्होंने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों को मिलकर ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे कमाण्ड क्षेत्र के किसानों को उनका हक का पानी मिल सके और क्षेत्र के लोगों को राहत प्राप्त हो।
धरने के पांचवें दिन ग्राम पीलौदा से महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों का विशाल जनसमूह धरना स्थल पर पहुंचा। सांस्कृतिक गीतों और लोकधुनों के बीच लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाते हुए किसान महापंचायत को अपना समर्थन दिया। मंच से सभी सम्मानित नागरिकों, पंच-पटेलों और संघर्षरत किसानों का स्वागत किया गया तथा उनके सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया गया।
धरना स्थल की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए ग्रामवार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। 9 जून से 10 जून तक की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ग्राम पीलौदा को सौंपी गई है। संघर्ष समिति ने बताया कि 10 जून से 11 जून तक धरना स्थल की व्यवस्था और रात्रि प्रवास की जिम्मेदारी ग्राम मोहचा, मोहचा का पुरा, सुन्दरपुर एवं बाढ़ रायल के ग्रामीण संभालेंगे।
धरना स्थल पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सागरबाई मेड़िया (हिण्डौन), साबूती मेड़िया (रतनापुरा), गौरन्ती मेड़िया (रतनापुरा) और रेखा मीना मेड़िया (मादनगांव) ने लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का उत्साह बढ़ाया।
विधायक रामकेश मीना ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार अब तक किसानों की जायज मांगों पर कोई निर्णय नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाना सरकार की गंभीर विफलता है। किसानों को अपने हक के पानी के लिए धरना देने को मजबूर होना पड़ा है। यदि सरकार ने शीघ्र ही नहरों में पानी छोड़ने का निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कमाण्ड क्षेत्र के किसान अपने अधिकारों की लड़ाई शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ता के साथ लड़ रहे हैं और जब तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। किसानों ने सरकार से उच्च न्यायालय के आदेशों की तत्काल पालना सुनिश्चित कर कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग दोहराई।

Pratahkal Bureau
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