पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर ग्राम खण्डीप में चल रहा किसानों का जल अधिकार आंदोलन लगातार मजबूत होता जा रहा है। किसान महापंचायत के धरने ने शनिवार को अपने 16वें दिन में प्रवेश कर लिया, जहां विभिन्न गांवों से पहुंचे किसानों, महिलाओं, युवाओं और सर्वसमाज के लोगों ने आंदोलन को व्यापक समर्थन प्रदान किया।

कमाण्ड क्षेत्र के किसान राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने तथा पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। किसानों का कहना है कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है। इसी मांग को लेकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं, हालांकि आंदोलन के संबंध में अभी तक सरकार की ओर से कोई ठोस और सकारात्मक पहल सामने नहीं आई है।

आंदोलन को उस समय नई ऊर्जा मिली जब नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी महाराज अन्य साधु-संतों के साथ किसान महापंचायत में पहुंचे। उन्होंने किसानों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह क्षेत्र नंगे बाबा की कृपा से अभिसिंचित है और उनकी प्रार्थना है कि किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचे, क्षेत्र को पानी मिले तथा किसानों के खेत हरियाली से भर उठें। उन्होंने क्षेत्र में भाईचारे, खुशहाली और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की भी कामना की।

इस दौरान गंगापुर विधायक रामकेश मीना तथा पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी गांवों के किसानों, महिलाओं, युवाओं और आमजन से आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं अनुशासित बनाए रखने की अपील की। समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा अन्य सरकारी संपत्तियों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाए और कानून के दायरे में रहकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाए, ताकि आंदोलन की गरिमा और प्रभावशीलता बनी रहे।

पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने किसान महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने किसानों के समर्थन में बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंच रही महिलाओं का आभार व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने और कमाण्ड क्षेत्र के किसानों को उनका अधिकार दिलाने की मांग की।

धरना स्थल पर समर्थन देने पहुंचे सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना ने कहा कि विधायक रामकेश मीना ने किसानों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर न्यायालय तक मजबूती से लड़ी, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय का फैसला किसानों के पक्ष में आया। उन्होंने आंदोलन को किसानों के हक की लड़ाई बताते हुए राज्य सरकार से शीघ्र समाधान निकालने का आग्रह किया।

पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को 27 जून तक का समय दिया है। समिति का कहना है कि यदि निर्धारित अवधि तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो 28 जून से आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी।

धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का संचालन गांववार जिम्मेदारियां तय कर व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर और कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं का सफल संचालन किया। इन गांवों से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और निजी वाहनों के माध्यम से धरना स्थल पहुंचे तथा आंदोलन के समर्थन में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

संघर्ष समिति के अनुसार 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष, युवा तथा विभिन्न समाजों के लोग हजारों की संख्या में महापंचायत में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे।

लगातार बढ़ती जनभागीदारी और विभिन्न वर्गों के समर्थन के बीच खण्डीप में चल रहा यह आंदोलन अब केवल पानी की मांग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कमाण्ड क्षेत्र के किसानों के अधिकारों और न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने की एक महत्वपूर्ण जनआवाज के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है।

Pratahkal Bureau

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