जयपुर/सवाई माधोपुर। नगर पालिका बोली में अफसरशाही की ऐसी खुली बगावत सामने आई है कि जिला कलेक्टर और मंत्री स्तर के आदेश भी बेअसर साबित हो रहे हैं। पूर्व कर्मचारी कौशल किशोर शर्मा को सहायक राजस्व निरीक्षक (ए.आर.आई) के रिक्त पद पर नियुक्त करने के लिखित आदेश जारी होने के बावजूद, उन्हें महीनों से जॉइन नहीं कराया गया। यह मामला प्रशासनिक अनुशासन और शासन की साख पर सीधा सवाल खड़ा करता है।

सूत्रों के अनुसार, 27 अक्टूबर 2022 को जिला कलेक्टर कार्यालय द्वारा कार्य व्यवस्था संबंधी आदेश जारी किए गए थे। इसके बाद, 31 दिसंबर 2024 को विभागीय आदेश भी दिए गए। इसके अलावा, डीएलबी निदेशालय और स्वायत्त शासन विभाग द्वारा ई-हस्ताक्षरित आदेश और माननीय मंत्री के स्पष्ट निर्देश मौजूद हैं। बावजूद इसके, नगर पालिका बोली में इन सभी आदेशों की अवहेलना की जा रही है। आरोप है कि अधिशासी अधिकारी जानबूझकर रिक्त पद पर कार्यग्रहण रोक रहे हैं।

यह मामला केवल एक कर्मचारी के भविष्य तक सीमित नहीं रह गया है। यह प्रशासनिक जवाबदेही, शासन की साख और अनुशासन पर गंभीर प्रश्न उठाता है। पीड़ित कर्मचारी ने उच्चाधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप, जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई और तुरंत जॉइन करवाने की मांग की है। अब निगाहें राज्य शासन पर टिकी हैं कि क्या इस खुली अवहेलना पर कार्रवाई होगी या आदेश फाइलों में ही दफन रह जाएंगे।

नगर पालिका में आदेशों की अवहेलना ने स्थानीय प्रशासनिक तंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर छाया डाल दी है और यह मामला अन्य कर्मचारियों एवं सरकारी प्रक्रियाओं के लिए चेतावनी बन सकता है।

Pratahkal Bureau

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