बामनवास। जैन धर्म के प्रवर्तक भगवान ऋषभदेव जी के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक 'तीर्थंकर दिवस' (ऋषभ नवमी) के अवसर पर ज्योति शिक्षण संस्थान सीनियर सैकण्डरी स्कूल एवं वर्धमान कोचिंग सेन्टर के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।

विद्यालय में आयोजित इस योग शिविर का मार्गदर्शन केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर के डॉक्टर नवनीत मलेठीया के निर्देशन में छात्र विरम सिंह गुर्जर ने किया। शिविर में भ्रामरी प्राणायाम, ताली योग, अनुलोम विलोम प्राणायाम, कपालभाति प्राणायाम सहित विभिन्न प्रकार के योग अभ्यास करवाए गए। विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर इसमें भाग लिया।

इस अवसर पर ज्योति शिक्षण संस्थान के निदेशक अखलेश गुर्जर ने बताया कि युग के आदि प्रवर्तक एवं जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव भगवान को प्रथम योगी के रूप में जाना जाता है। पुराणों में ऋषभदेव भगवान द्वारा ध्यान और योग की कलाओं का विस्तृत विवरण मिलता है। उन्होंने कहा कि योग से विद्यार्थियों के शारीरिक विकास के साथ उनकी बुद्धि का विकास भी होता है। इसके साथ ही उन्होंने अरिहंत मुद्रा, सिद्ध मुद्रा, आचार्य मुद्रा, उपाध्याय मुद्रा, साधु मुद्रा और पंच नमस्कार के बारे में बच्चों को जानकारी प्रदान की।

वर्धमान कोचिंग सेन्टर की निदेशक एकता जैन ने विद्यार्थियों को भगवान ऋषभदेव के जीवन दर्शन से अवगत कराते हुए सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह, संयम और तप के महत्व को समझाया। शिक्षिका गायत्री गौड़ ने कहा कि जब मनुष्य की भौतिक ऊर्जा आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ मिलती है तो अनन्त शक्ति का रहस्य खुलता है और इसी मिलन को योग कहा जाता है। गणेश योगी ने बताया कि विज्ञान प्रयोग में विश्वास करता है जबकि अध्यात्म योग में, विज्ञान शक्ति की खोज करता है और अध्यात्म शांति की।

शिविर के समापन अवसर पर वर्धमान कोचिंग सेन्टर की तरफ से विद्यार्थियों को मिठाई का वितरण किया गया, जिसे पाकर उनके चेहरे खिल उठे। यह आयोजन न केवल योग के महत्व को समझाने वाला रहा बल्कि विद्यार्थियों में आत्मिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाने वाला रहा।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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