निरंकारी संत समागम 2026: समालखा में 79वें वार्षिक आयोजन की सेवाएं शुरू
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की छत्रछाया में अक्टूबर में होने वाले 79वें संत समागम का मुख्य विषय 'जागृति' रखा गया है।

तस्वीर में निरंकारी राजपिता रमित जी अन्य पदाधिकारियों संग मंच पर खड़े हैं।
सवाई माधोपुर, 21 सितम्बर 2026। संत निरंकारी मिशन के 79वें वार्षिक संत समागम की सेवाओं का शुभारम्भ श्रद्धा, समर्पण और सेवाभाव से परिपूर्ण वातावरण में हुआ। निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन कर-कमलों से सेवा स्थल का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर मिशन की कार्यकारिणी समिति, केंद्रीय सेवादल के अधिकारीगण तथा हजारों श्रद्धालु भक्तों ने सेवा में सहभागिता निभाई।
79वां वार्षिक निरंकारी संत समागम परम श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन सान्निध्य में 23 से 26 अक्टूबर 2026 तक संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा, हरियाणा में आयोजित किया जाएगा। समागम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भक्त सम्मिलित होंगे। आत्मिक चेतना और मानव-एकता के संदेश से जुड़े इस आयोजन में श्रद्धालु सतगुरु के दिव्य दर्शन एवं पावन प्रवचनों से आत्मिक शांति प्राप्त करते हुए जीवन में प्रेम, सेवा, करुणा और मानवता के भाव को अपनाने की प्रेरणा प्राप्त करेंगे।
विविधताओं से भरे संसार में रूप, भाषाओं और जीवन-शैलियों की भिन्नता के बावजूद सभी के भीतर एक ही चेतना का वास है। सभी परमात्मा की संतान हैं और सतगुरु ने प्रेम के अदृश्य सूत्र में बांधकर मानवता को एकता का संदेश दिया है। संत निरंकारी मिशन इसी भावना को ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ यानी ‘समस्त संसार एक परिवार’ के रूप में जीवन्त कर रहा है, जहाँ प्रेम केवल विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की शैली है।
सेवा शुभारम्भ के अवसर पर संत निरंकारी मण्डल की अध्यक्ष आदरणीय राजकुमारी ‘मामी जी’ एवं संत निरंकारी मण्डल के सचिव आदरणीय श्री जोगिन्दर सुखीजा ने पुष्प गुच्छ भेंट कर निरंकारी राजपिता जी का हार्दिक अभिनंदन किया। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता से यह अवसर सेवा को साधना और समर्पण को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा से ओत-प्रोत रहा।
79वें समागम की सेवाओं के शुभारम्भ अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए निरंकारी राजपिता जी ने सतगुरु माता जी के प्रेम एवं आशीर्वाद को संतों तक पहुंचाते हुए फरमाया कि संत समागम की सेवाओं का यह विशाल स्वरूप असंख्य संतों की निस्वार्थ सेवा, त्याग और समर्पण का परिणाम है। यह प्रेरणा देता है कि जीवन में भी सेवा और परोपकार का भाव आए।
उन्होंने कहा कि मानव तन केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के सुख-दुःख में सहभागी बनने के लिए मिला है। सेवा में जब ‘मैं’ का भाव समाप्त होकर ‘हम’ का भाव आता है, तभी उसका वास्तविक अर्थ प्रकट होता है। सतगुरु का ज्ञान ही वह जागृति है, जो दृष्टि बदलकर हर मानव में निरंकार का स्वरूप देखने की प्रेरणा देता है। जब मानव, मानव से प्रेम और सत्कार करेगा, तो यह धरती और सुंदर बनेगी। सतगुरु से यही अरदास है कि हम मानव रूप में ही नहीं, बल्कि अपने कर्मों और व्यवहार से भी सच्चे मानव बन सकें।
इस वर्ष संत समागम का शीर्षक ‘जागृति’ है। यह मनुष्य को बाहरी संसार से हटकर अपने भीतर झाँकने और अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। सतगुरु माता जी ने भी कहा है कि जागरूक और चेतन होकर भक्त हर पल भक्ति में लीन रहते हैं। ‘जागृति’ का अर्थ किसी नई बात का अचानक बोध होना नहीं, बल्कि हर क्षण अपने भीतर सजग और सचेत रहना है। संसार में रहते हुए भी उसके प्रभाव से स्वयं को बचाए रखना और हर परिस्थिति में प्रभु-स्मरण से जुड़े रहना ही सच्ची ‘जागृति’ है।
निरंकारी संत समागम किसी धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता और सत्य के प्रकाश को आगे बढ़ाने वाले प्रत्येक हृदय का संगम है। यहाँ सेवा के माध्यम से इंसानियत और आध्यात्मिकता का दिव्य मिलन होता है। हजारों हाथ सेवा में और लाखों हृदय प्रेम में जुड़ते हैं तथा विविधता के बीच एकत्व का संदेश साकार रूप में दिखाई देता है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
