सवाई माधोपुर: नालसा जागृति योजना के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
खण्डार नगरपालिका परिसर में आयोजित कार्यक्रम में आमजन को बाल सुरक्षा, महिला अधिकार, साइबर अपराध और मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

सवाई माधोपुर के खण्डार नगरपालिका परिसर में बुधवार, 20 मई 2026 को आयोजित विधिक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी और ग्रामीण महिलाएं।
सवाई माधोपुर, 20 मई 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति खण्डार के तत्वावधान में तालुका जागृति इकाई खण्डार द्वारा बुधवार को नगरपालिका परिसर खण्डार में नालसा जागृति योजना 2025 के तहत “सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भविष्य” एवं “नालसा (मानव-वन्य जीव संघर्ष से पीड़ित व्यक्तियों को विधिक सेवाएं) योजना 2025” विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आमजन को बच्चों की सुरक्षा, महिला अधिकार, साइबर अपराध से बचाव और मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान तालुका जागृति इकाई के सदस्यगण ने उपस्थित लोगों को लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) 2012, संवैधानिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, महिला सुरक्षा कानून, बाल अधिकार, घरेलू हिंसा से संरक्षण, साइबर अपराध से बचाव तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। आमजन को बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा तालुका विधिक सेवा समिति के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
नालसा द्वारा संचालित “मानव-वन्यजीव संघर्ष से पीड़ित व्यक्तियों को विधिक सेवाएं योजना 2025” के अंतर्गत ग्रामीण एवं वन क्षेत्र से जुड़े नागरिकों को मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में प्रभावित व्यक्तियों को उनके अधिकारों एवं सहायता योजनाओं से अवगत कराया गया। वन्यजीवों के संरक्षण के साथ मानव जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उपस्थित महिलाओं एवं आमजन को समझाया गया कि वन्यजीवों की मानव बस्तियों में गतिविधियों के दौरान सतर्कता बरतना, समूह में रहना, रात्रि में जंगल क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचना तथा वन विभाग को समय पर सूचना देना अत्यंत आवश्यक है। वन्यजीव हमले, फसल नुकसान एवं पशुधन हानि की स्थिति में सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा एवं राहत योजनाओं का लाभ लेने की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में “सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भविष्य” अभियान के तहत बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं अधिकारों पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना उसका मौलिक अधिकार है। बच्चों को बाल श्रम, बाल विवाह, बाल तस्करी और शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाने के लिए समाज और अभिभावकों की सक्रिय भूमिका को आवश्यक बताया गया।
इस दौरान पैरालीगल वॉलेन्टियर्स द्वारा कैनोपी स्थापित कर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित पोस्टर एवं पम्पलेट्स वितरित किए गए। साथ ही 06 शिकायती प्रार्थना पत्र भी प्राप्त किए गए।
कार्यक्रम में पुष्कर सिंह नायब तहसीलदार खण्डार, लक्ष्मण सिंह थानाधिकारी पुलिस थाना खण्डार, गोविन्द मथुरिया अध्यक्ष अभिभाषक संघ खण्डार, सुशिला वर्मा वन रक्षक, हनुमान प्रसाद प्रतिनिधि एसबीआई बैंक शाखा खण्डार, आशीष शर्मा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खण्डार, पैनल अधिवक्ता हरिलाल बैरवा, नागाराम मीना, रविशंकर गर्ग, रमेश चन्द तेहरिया, रमेश चंद गौतम, अधिकार मित्र बैकुण्ठनाथ मिश्रा, दिनेश बैरवा, पुष्पेन्द्र गौतम, संजीविका सोनी सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के नागरिकों को कानूनी अधिकारों, बाल सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Pratahkal Bureau
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