मोबाइल गुम या चोरी होने पर क्या करें? राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी
फोन खोने पर सिम ब्लॉक करने, यूपीआई खातों को सुरक्षित रखने और CEIR पोर्टल से IMEI बंद कराने के लिए एडवाइजरी जारी।

सवाई माधोपुर, 5 सितम्बर। स्मार्टफोन गुम या चोरी होना केवल एक डिवाइस खोने तक सीमित नहीं है। मोबाइल से जुड़े बैंकिंग, यूपीआई, ई-मेल, सोशल मीडिया, ओटीपी और निजी दस्तावेजों के दुरुपयोग का खतरा भी रहता है। ऐसे में मोबाइल गुम होते ही सही क्रम में तत्काल कार्रवाई करना जरूरी है। राजस्थान पुलिस ने आमजन को वित्तीय नुकसान और व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग से बचाने के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।
महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा द्वारा आमजन को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री वीके सिंह ने बताया कि आज स्मार्टफोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि बैंकिंग, यूपीआई, ई-मेल, सोशल मीडिया, ओटीपी और निजी दस्तावेजों तक पहुंच रखने वाला डिजिटल साधन है। इसलिए मोबाइल गुम या चोरी होने पर केवल फोन की तलाश करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उससे जुड़े डिजिटल खातों को तत्काल सुरक्षित करना जरूरी है।
राजस्थान पुलिस के अनुसार फोन गुम होते ही सबसे पहले किसी दूसरे मोबाइल या कंप्यूटर से एंड्रॉयड के ‘फाइंड माई डिवाइस’ अथवा आईफोन के ‘फाइंड माई आईफोन’ की मदद से फोन को रिमोट लॉक करना चाहिए। इसके बाद बैंक की आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या कस्टमर केयर के माध्यम से मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और डिजिटल वॉलेट को अस्थायी रूप से ब्लॉक या सुरक्षित करवाना चाहिए। साथ ही बैंक खाते के लेन-देन पर नजर रखनी चाहिए और कोई अनजान या संदिग्ध ट्रांजेक्शन दिखाई देने पर तत्काल बैंक को सूचित करना चाहिए।
मोबाइल सेवा प्रदाता से संपर्क कर गुम हुए सिम कार्ड को भी तत्काल ब्लॉक करवाना जरूरी है, क्योंकि मोबाइल नंबर का इस्तेमाल ओटीपी और अकाउंट रिकवरी में हो सकता है। इसके बाद उसी नंबर का रिप्लेसमेंट या डुप्लीकेट सिम प्राप्त करना चाहिए। सिम दोबारा सक्रिय होने के बाद महत्वपूर्ण खातों की सुरक्षा सेटिंग्स की जांच करनी चाहिए।
पुलिस ने सलाह दी है कि किसी दूसरे सुरक्षित डिवाइस से जीमेल या अन्य ई-मेल, सोशल मीडिया और महत्वपूर्ण खातों के पासवर्ड बदलें। साथ ही रिकवरी ई-मेल और मोबाइल नंबर की जांच करें। ऑनलाइन खातों की ‘लॉग-इन डिवाइस’ सूची की जांच कर अनजान या पुराने डिवाइस से लॉगआउट करें और अकाउंट रिकवरी विकल्पों की भी समीक्षा करें। जीमेल या ई-मेल, सोशल मीडिया तथा अन्य महत्वपूर्ण खातों में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन यानी 2FA सक्रिय रखना भी जरूरी है।
मोबाइल गुम या चोरी होने की सूचना नजदीकी पुलिस थाने में देकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए और मोबाइल का आईएमईआई नंबर सुरक्षित रखना चाहिए। पुलिस शिकायत के बाद सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर यानी सीईआईआर के माध्यम से मोबाइल का आईएमईआई ब्लॉक करवाने की सलाह दी गई है, ताकि चोरी या गुम हुए मोबाइल के दुरुपयोग को रोका जा सके।
राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया कि मोबाइल खोना सिर्फ एक डिवाइस खोना नहीं है। उसमें मौजूद बैंकिंग, यूपीआई, सिम और ऑनलाइन खातों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसलिए फोन गुम होते ही पहले डिजिटल खातों को सुरक्षित करना और उसके बाद फोन की तलाश करना जरूरी है।
यदि मोबाइल गुम या चोरी होने के बाद किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है या साइबर ठग ऐसा करने का प्रयास करते हैं, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर पुलिस थाना, साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930, राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क 9256001930 / 9257510100 पर सूचना देने की सलाह दी गई है। मोबाइल की सुरक्षा के साथ उससे जुड़े डिजिटल खातों को समय रहते सुरक्षित करना साइबर ठगी और व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग से बचाव के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
