विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह 2026 के अवसर पर सवाई माधोपुर में गुरुवार को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मानसिक रोगों से जुड़े भ्रम एवं सामाजिक कलंक को दूर करने और नशामुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से “वॉक फॉर मेंटल हेल्थ–मैराथन” का आयोजन किया गया। प्रातः 6:00 बजे आयोजित इस मैराथन में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टूडेंट्स, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्मिकों, अधिकार मित्रों और लॉयंस क्लब के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का आयोजन गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मनोचिकित्सा विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं लॉयंस क्लब सवाई माधोपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम के समन्वय में डॉ. गौरव चंद्रवंशी, जिला नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम सवाई माधोपुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समीक्षा गौतम, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) सवाई माधोपुर रहीं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जैमिनी एवं प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीना विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

सचिव समीक्षा गौतम ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया। यह मैराथन दशहरा मैदान, सवाई माधोपुर से शुरू होकर फतेह ट्रॉमा हॉस्पिटल, हाउसिंग बोर्ड रोड, सवाई माधोपुर पहुंचकर सम्पन्न हुई। मैराथन के दौरान नर्सिंग स्टूडेंट्स ने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति संबंधी जागरूकता संदेश और नारों वाली टी-शर्ट पहनकर आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा नशे से दूर रहने का संदेश दिया।

प्रतिभागियों ने विभिन्न नारों और संदेशों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव एवं मानसिक समस्याओं के प्रति जागरूकता तथा समय पर चिकित्सकीय एवं मनोवैज्ञानिक सहायता लेने के लिए आमजन को प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान मनोचिकित्सक डॉ. गौरव चंद्रवंशी ने उपस्थित चिकित्सकों, नर्सिंग स्टूडेंट्स, अधिकार मित्रों एवं लॉयंस क्लब के प्रतिनिधियों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई। प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने, स्वयं नशे का सेवन नहीं करने तथा समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति अन्य लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।

मुख्य अतिथि समीक्षा गौतम ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को छिपाने के बजाय उनके बारे में खुलकर बात करने और आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवा वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जैमिनी एवं प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीणा ने कहा कि मानसिक बीमारी किसी व्यक्ति की कमजोरी नहीं है। उचित उपचार, परामर्श एवं परिवार के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का प्रभावी रूप से समाधान किया जा सकता है। उन्होंने परिवार एवं समाज से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में मनोचिकित्सा विभाग से डॉ. अंशुल यादव, डॉ. प्रिया चौधरी, डॉ. रवींद्र यादव, लायंस क्लब से डॉ. चेतराम मीणा, डॉ. लोकेश गुप्ता, कपिल नामा, श्याम बिहारी, महेंद्र जैन एवं गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग से मुकेश मित्तल, हेमलता और आमिर शोएब उपस्थित रहे। मैराथन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता, समय पर सहायता लेने और नशे से दूर रहने का संदेश आमजन तक पहुंचाया गया।

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

नाम: मदन मोहन गर्ग

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)

कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला

बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र

परिचय 

मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:

  • बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
  • एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)

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