प्रो. मधु मुकुल चतुर्वेदी को दीर्घकालीन हिंदी साहित्य सेवा के लिए मिला मुंशी प्रेम चंद साहित्य विशारद सम्मान-2026
दीर्घकालीन हिंदी साहित्य सेवा के लिए प्रो. मधु मुकुल चतुर्वेदी को बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी, आगरा ने मुंशी प्रेम चंद साहित्य विशारद सम्मान-2026 से सम्मानित किया।

तस्वीर में सफेद शर्ट पहने और माथे पर तिलक लगाए मुस्कुराते हुए प्रो. मधु मुकुल चतुर्वेदी नजर आ रहे हैं
दीर्घकालीन हिंदी साहित्य सेवा के लिए प्रोफेसर मधु मुकुल चतुर्वेदी को राष्ट्रीय स्तर पर मुंशी प्रेम चंद साहित्य विशारद सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी, आगरा, उत्तर प्रदेश द्वारा उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेम चंद की जयंती के अवसर पर प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह में संस्था के अध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार ऋषि, सचिव तिरवर नाथ, कोषाध्यक्ष श्रीमती रीना देवी तथा विधिक सलाहकार डॉ. नरेश सिहाग एडवोकेट ने प्रो. मधु मुकुल चतुर्वेदी को मुंशी प्रेम चंद साहित्य विशारद सम्मान-2026 प्रदान कर सम्मानित किया।
प्रो. मधु मुकुल चतुर्वेदी को यह राष्ट्रीय सम्मान उनकी दीर्घकालीन हिंदी साहित्य सेवा के लिए प्रदान किया गया। उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेम चंद की जयंती के अवसर पर आयोजित इस सम्मान समारोह के माध्यम से हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
