सवाई माधोपुर : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर के बीच यातायात की परिभाषा बदलने वाली महत्वाकांक्षी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत हाइब्रिड एन्यूटी मोड पर विकसित की जा रही इस चार हजार करोड़ रुपये की परियोजना में जापानी तकनीक का बेजोड़ संगम देखने को मिलेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने राजस्थान से आए पत्रकारों के दल से वार्ता करते हुए बताया कि इस अत्याधुनिक हाईवे के निर्माण से वर्तमान में लगने वाला ढाई से तीन घंटे का समय घटकर मात्र 35 से 40 मिनट रह जाएगा।

परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि कुल 62.764 किमी लंबी इस परियोजना को दो मुख्य पैकेजों में विभाजित किया गया है। पैकेज-I के तहत किमी 10.980 से किमी 28.500 तक 17.52 किमी लंबा छह लेन एक्सप्रेस-वे निर्मित किया गया है, जिसका कार्य 01 फरवरी 2023 को शुरू हुआ था। हालांकि इसकी मूल पूर्णता तिथि 31 जुलाई 2025 थी, लेकिन स्कूटर इंडिया जंक्शन पर 400 केवी ईएचटी विद्युत लाइन (PGCIL) के स्थानांतरण में हुए विलंब के कारण अब इसे 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, पैकेज-II के अंतर्गत किमी 28.500 से किमी 73.744 तक के 45.244 किमी लंबे खंड को छह लेन में उन्नत किया गया है, जिसका निर्माण 01 नवंबर 2022 को प्रारंभ हुआ था और इसकी निर्धारित समय सीमा 08 मई 2025 है।

साढ़े तीन हजार करोड़ की निर्माण लागत और चार हजार करोड़ की कुल परियोजना लागत वाले इस एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और सुविधा के विश्वस्तरीय मानक स्थापित किए गए हैं। आधारभूत संरचना के रूप में यहाँ 11 वाहन अंडरपास (VUP), 13 लाइट वाहन अंडरपास (LVUP), 11 पैदल अंडरपास (PUP), एक 9.59 किमी लंबा विशाल फ्लाईओवर, 1 रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और 4 प्रमुख पुलों का निर्माण किया गया है। तकनीक के स्तर पर इसे अभेद्य बनाने के लिए 'एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (ATMS) तैनात किया गया है, जिसमें 63 PTZ कैमरे, 21 इंटरचेंज कैमरे और 16 वीडियो इन्सिडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDS) कैमरे शामिल हैं। इनकी निगरानी के लिए किमी 27 और किमी 35 पर दो अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। भारत सरकार की DCID योजना के तहत आयोजित इस मीडिया भ्रमण का उद्देश्य केंद्र की जनकल्याणकारी और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सफलता को जनता तक पहुँचाना है। वर्तमान में शेष छोटे कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है, जिसके पश्चात जल्द ही औपचारिक उद्घाटन के साथ यह एक्सप्रेस-वे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जो क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

नाम: हरक चंद जैन

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)

परिचय

हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
  • अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।

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