बढ़ते तापमान में भार वाहक पशुओं के उपयोग पर प्रतिबंध, नए निर्देश जारी
30 डिग्री से अधिक तापमान होने पर दोपहर 12 से 3 बजे तक पशुओं से कृषि और परिवहन कार्य कराने पर रोक, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई।

पशुपालन विभाग ने जिले में बढ़ते तापमान और लू की गंभीर स्थिति को देखते हुए 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान रहने पर दोपहर 12 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक भार वाहक एवं कृषि प्रयोजनार्थ पशुओं के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. राजीव गर्ग ने बताया कि पशुओं के प्रति क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान की स्थिति में किसी भी जानवर का पैदल परिवहन भी निषेध कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी के कारण लू की स्थिति बन रही है, जिससे भार वाहक पशुओं को तीखी धूप में कार्य कराने पर उन्हें हीट स्ट्रोक, निर्जलीकरण, अत्यधिक थकावट तथा मृत्यु जैसी गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
डॉ. राजीव गर्ग ने जिले के सभी पशुपालकों एवं आमजन से अपील की है कि कृषि कार्य तथा यातायात के लिए उपयोग किए जाने वाले पशुओं के लिए स्वच्छ एवं शीतल पेयजल, पर्याप्त छाया तथा पोष्टिक चारे की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने समस्त विद्यालयों, राजकीय संस्थानों, कार्यालयों एवं घरों से भी अनुरोध किया है कि उपयुक्त स्थानों पर जल पात्र (परिण्डे) लगाए जाएं तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पूर्व से स्थापित जलकुंडों एवं परिण्डों में नियमित रूप से जल भराव किया जाए, ताकि पक्षियों एवं पशुओं को गर्मी में राहत मिल सके।
इस आदेश के साथ प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अत्यधिक गर्मी की परिस्थितियों में पशु सुरक्षा एवं संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकती है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
