लाडो प्रोत्साहन योजना: सवाई माधोपुर ने रचा इतिहास, भुगतान के मामले में प्रदेश में बना नंबर वन
सवाई माधोपुर जिले में 11 माह में 11,916 बच्चियों को 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिला 93.50 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के साथ शीर्ष पर है।

सवाई माधोपुर। राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी 'लाडो प्रोत्साहन योजना' के सफल क्रियान्वयन में सवाई माधोपुर जिला पूरे प्रदेश में अग्रणी बनकर उभरा है। जिला कलक्टर काना राम के कुशल मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के चलते जिले ने 93.50 प्रतिशत के उच्चतम लक्ष्य को प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जैमिनी ने इस गौरवशाली उपलब्धि की पुष्टि करते हुए बताया कि जिले की स्वास्थ्य मशीनरी ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विशेष प्रयास किए हैं, जिसके सुखद परिणाम आज सबके सामने हैं।
इस सफलता की पृष्ठभूमि में जमीनी स्तर पर कार्य कर रही एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं का समर्पण अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने न केवल प्रसूताओं के आवश्यक दस्तावेजों का समय पर संकलन किया, बल्कि उन्हें डिजिटल पोर्टल पर भी त्वरित रूप से अपडेट किया, जिससे जटिल भुगतान प्रक्रिया अत्यंत सुगम हो गई और लाभार्थियों के बैंक खातों में समय पर सहायता राशि हस्तांतरित की जा सकी। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक के 11 माह के अंतराल में जिले की 11,142 नवजात बच्चियों को प्रथम किश्त के रूप में 2 करोड़ 78 लाख 55 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अतिरिक्त, 2,225 बालिकाओं को द्वितीय किश्त के रूप में 55 लाख 62 हजार रुपये प्रदान किए जा चुके हैं।
योजना के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए डॉ. जैमिनी ने बताया कि राजकीय अस्पतालों में जन्म लेने वाली बालिकाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कुल डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता सात विभिन्न किश्तों में देने का प्रावधान है। इसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रथम और द्वितीय किश्त के रूप में 2,500-2,500 रुपये का भुगतान किया जाता है, जबकि शेष किश्तों का उत्तरदायित्व शिक्षा विभाग के पास रहता है। यह राशि बालिका के जन्म से लेकर उसके स्नातक उत्तीर्ण करने तक के सफर को आर्थिक संबल प्रदान करती है। इस योजना का मूल उद्देश्य समाज में लिंगानुपात में सुधार लाना और बेटियों के जन्म के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित करना है।
योजना के साथ-साथ जिले में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए 12 अप्रैल, 2005 से संचालित 'जननी सुरक्षा योजना' को भी प्रभावी रूप से जोड़ा गया है। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं को 1,400 रुपये और शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खातों में भेजी जा रही है। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के मध्य जिले के विभिन्न केंद्रों पर कुल 11,916 बालिकाओं का जन्म हुआ, जिनमें सवाई माधोपुर जिला अस्पताल में सर्वाधिक 3,918, गंगापुर सिटी जिला अस्पताल में 2,064, खंडार में 628, चौथ का बरवाड़ा में 424, बौंली में 388, मलारना डूगर में 298, बामनवास में 282 और ब्लॉक गंगापुर सिटी में 239 जन्म दर्ज किए गए। सवाई माधोपुर ब्लॉक में भी 661 बालिकाओं का संस्थागत प्रसव हुआ। डॉ. जैमिनी ने संकल्प दोहराया है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस शीर्ष स्थान को भविष्य में भी बरकरार रखने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
