सवाई माधोपुर। करीब 35 साल पुराने श्रमिक विवाद में श्रम न्यायालय-प्रथम, जयपुर महानगर-द्वितीय ने श्रमिक के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने जयगढ़ पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट, आमेर को विभिन्न अवधियों के बकाया वेतन-भत्ते और अन्य सेवा लाभ देने के आदेश दिए हैं। यह मामला उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी की पारिवारिक संपत्ति से जुड़े जयगढ़ पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट से संबंधित है।

मामले के अनुसार सेवापुरा, तहसील आमेर निवासी गेंदी लाल पुत्र कल्याण की जयपुर स्थित जयगढ़ में चौकीदार के पद पर 9 जून 1988 को नियुक्ति हुई थी। आरोप था कि 4 अगस्त 1989 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इसके बाद श्रमिक ने श्रम विभाग और न्यायालय की शरण ली। लंबे समय तक चले विवाद के बाद 1 सितंबर 2001 को समझौते के आधार पर अवार्ड पारित किया गया। इसमें 3 सितंबर 2001 से श्रमिक को पुनः जयगढ़ में ड्यूटी पर लेने का प्रावधान किया गया था।

न्यायालय के आदेश के अनुसार, बाद में गेंदी लाल को 20 दिसंबर 2004 को जयगढ़ में ड्यूटी ज्वाइन कराई गई। इसके बावजूद वेतन और सेवा लाभों को लेकर विवाद बना रहा। श्रमिक का तर्क था कि समान कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों को जो वेतन और सुविधाएं मिल रही थीं, उनसे उसे वंचित रखा गया।

20 अगस्त 2026 को सुनाए गए निर्णय में न्यायालय ने अलग-अलग अवधियों के बकाया वेतन के रूप में 1,86,872 रुपए, 7,47,817 रुपए तथा 58,81,655 रुपए निर्धारित किए हैं। इसके अलावा प्रोविडेंट फंड में अंतर की राशि 1,33,649 रुपए और अंतिम प्राप्त मजदूरी के आधार पर ग्रेच्युटी राशि 10,92,542 रुपए भी निर्धारित की गई है। इन राशियों पर आदेश में निर्धारित अवधि और दर के अनुसार ब्याज देने के निर्देश दिए गए हैं।

न्यायालय ने श्रमिक को अन्य सेवा लाभों के संबंध में भी राहत दी है। इनमें अवकाश, मकान किराया, सिटी अलाउंस, वर्दी, जूते तथा बोनस जैसे लाभ शामिल हैं। निर्णय में समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को भी महत्वपूर्ण माना गया है।

आदेश के तहत जयगढ़ पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट को निर्धारित बकाया राशि, ब्याज, ग्रेच्युटी, प्रोविडेंट फंड की अंतर राशि और हर्जे-खर्च सहित देय राशि का चेक या डीडी 22 सितंबर 2026 तक न्यायालय में प्रस्तुत करना होगा। ऐसा नहीं करने पर 20 अगस्त 2026 से वसूली होने तक 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा।

न्यायालय ने 1 लाख रुपए लिटिगेशन कॉस्ट (हर्जे-खर्च) तथा 1 लाख रुपए विशेष हर्जाना (Exemplary Cost) भी लगाया है। विशेष हर्जाने की राशि Armed Forces Battle Casualties Welfare Fund में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश के एक अन्य बिंदु में न्यायालय ने संस्थान के संचालक मंडल के सदस्यों और ट्रस्टियों को नोटिस जारी कर यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं कि उनके विरुद्ध अनुचित श्रम व्यवहार (Unfair Labour Practice) के संबंध में अभियोजन की कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।

न्यायालय ने यह आदेश 20 अगस्त 2026 को खुले न्यायालय में सुनाया। फैसले से लंबे समय से वेतन और सेवा लाभों के लिए संघर्ष कर रहे श्रमिक गेंदी लाल को कानूनी राहत मिली है। पूरे प्रकरण में श्रमिक की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रविन्द्र पांचाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

नाम: मदन मोहन गर्ग

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)

कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला

बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र

परिचय 

मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:

  • बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
  • एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)

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