ग्रामीण सेवा शिविर किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने का माध्यम बन रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण ग्राम पंचायत कुनकटा कला के किसान मुकुट बिहारी पुत्र लालजी हैं, जिन्हें कृषि विभाग के मार्गदर्शन में कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत मल्टी क्रॉप थ्रेसर पर 2.25 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ।

किसान मुकुट बिहारी ने बताया कि उन्हें कृषि यंत्रीकरण योजना की जानकारी सहायक कृषि अधिकारी पिन्टू लाल मीना तथा कृषि पर्यवेक्षक प्रवीण यादव ने दी। अधिकारियों ने योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी देकर उनका आवेदन करवाया, जिसके बाद मल्टी क्रॉप थ्रेसर पर 2.25 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ।

उन्होंने बताया कि मशीन मिलने से फसलों की मड़ाई कम समय और कम लागत में होने लगी है। इससे मजदूरी खर्च में कमी आई है, समय की बचत हुई है तथा खेती अधिक लाभकारी बन रही है। उन्होंने अन्य किसानों से भी कृषि विभाग की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

सहायक कृषि अधिकारी पिन्टू लाल मीना ने बताया कि कृषि विभाग कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध करा रहा है। इच्छुक किसान 15 जुलाई 2026 तक राज किसान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु एवं सीमांत तथा महिला किसानों को कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक, जबकि अन्य श्रेणी के किसानों को 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है।

योजना का लाभ कृषि योग्य भूमि के स्वामी किसान ले सकते हैं। यदि भूमि पिता के नाम है तो नोशनल शेयर धारक प्रमाण पत्र मान्य होगा। मृदा स्वास्थ्य कार्ड अनिवार्य है तथा ट्रैक्टर चालित कृषि यंत्रों के लिए ट्रैक्टर आवेदक के नाम पंजीकृत होना चाहिए। एक किसान को तीन वर्ष में केवल एक बार ही अनुदान का लाभ दिया जाता है।

आवेदन के लिए जनाधार कार्ड, छह माह से अधिक पुरानी न होने वाली जमाबंदी, ट्रैक्टर चालित यंत्र के लिए ट्रैक्टर की आरसी, कृषि यंत्र का कोटेशन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा आवश्यक होने पर लघु एवं सीमांत किसान प्रमाण पत्र आवश्यक है।

पिन्टू लाल मीना ने किसानों से समय रहते राज किसान पोर्टल www.rajkisan.rajasthan.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक जनाधार पर केवल एक ही आवेदन स्वीकार होगा, आवेदन केवल ऑनलाइन किए जाएंगे, ट्रैक्टर 15 वर्ष से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए तथा डीबीटी के लिए मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना अनिवार्य है।

ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से किसान मुकुट बिहारी को मिला यह अनुदान कृषि यंत्रीकरण योजनाओं की प्रभावी क्रियान्विति का उदाहरण है, जिससे किसानों की लागत घटाने, समय बचाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

Pratahkal Bureau

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