रामदरश मिश्र शताब्दी सृजन सम्मान से सम्मानित होंगे हिंडौन के कृष्ण बिहारी पाठक
हिंडौन सिटी के साहित्यकार कृष्ण बिहारी पाठक को ‘रामदरश मिश्र शताब्दी सृजन सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। गोरखपुर में आयोजित समारोह में उन्हें "रामचंद्र शुक्ल : दृष्टि-सृष्टि" कृति के लिए मिलेगा सम्मान।

तस्वीर में साहित्यकार कृष्ण बिहारी पाठक नजर आ रहे हैं।
हिंडौन सिटी के साहित्यकार कृष्ण बिहारी पाठक को आलोचना विधा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘रामदरश मिश्र शताब्दी सृजन सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें उनकी आलोचनात्मक कृति "रामचंद्र शुक्ल : दृष्टि-सृष्टि" के लिए प्रदान किया जाएगा।
शताब्दी पुरुष पद्मश्री प्रो. रामदरश मिश्र के 103वें जन्मदिन के अवसर पर आगामी 14 और 15 अगस्त 2026 को उनके जन्मस्थान गोरखपुर में दो दिवसीय समारोह का आयोजन रामदरश मिश्र न्यास की ओर से किया जा रहा है। समारोह की अध्यक्षता साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष और जाने-माने लेखक प्रोफेसर विश्वनाथ प्रसाद तिवारी करेंगे।
समारोह के अवसर पर पद्मश्री रामदरश मिश्र न्यास की ओर से प्रतिवर्ष प्रदान किया जाने वाला ‘रामदरश मिश्र शताब्दी सृजन सम्मान’ भी दिया जाएगा। न्यास की सचिव प्रोफेसर स्मिता मिश्र ने बताया कि आलोचना-विधा के अंतर्गत हिंडौन के साहित्यकार कृष्ण बिहारी पाठक को उनकी कृति "रामचंद्र शुक्ल : दृष्टि-सृष्टि" के लिए सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार स्वरूप पाठक को ₹21000 की राशि, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान किया जाएगा।
कृष्ण बिहारी पाठक को यह सम्मान हिंदी आलोचना के क्षेत्र में उनके गंभीर अध्ययन, चिंतन एवं विशिष्ट योगदान के लिए दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पाठक की दो पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अलावा देश-विदेश की पत्र-पत्रिकाओं में साहित्यिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं कलात्मक संदर्भों पर केंद्रित उनके दो सौ से अधिक आलेख, समीक्षा एवं रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं।
राजस्थान सरकार द्वारा राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित कृष्ण बिहारी पाठक ने राजस्थान सरकार के पाठ्य-पुस्तक विकास समूह में कक्षा 1-5 की हिंदी पुस्तकों में लेखक संपादक के रूप में सहभागिता की है। उन्होंने राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उदयपुर एवं डाइट करौली द्वारा विकसित मातृभाषा आधारित स्थानीय भाषा शब्दकोश का संपादन भी किया है।
इससे पूर्व कृष्ण बिहारी पाठक को उनके बालगीत संग्रह "आओ एक ज्योनार लगाएं" के लिए साहित्य मंडल श्री नाथद्वारा का बाल साहित्य भूषण सम्मान एवं पं. जवाहर लाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी द्वारा बाल साहित्य सृजन सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था विश्व हिंदी साहित्य परिषद ने भी पाठक को हिंदी प्रज्ञा सम्मान प्रदान किया है।
कृष्ण बिहारी पाठक के ‘रामदरश मिश्र शताब्दी सृजन सम्मान’ के लिए चयन की घोषणा पर क्षेत्र के साहित्यकारों एवं साहित्य अनुरागियों सोमनाथ शर्मा, मनीष भारद्वाज, मनमोहन पाठक, शत्रुघ्न सोलंकी, प्रभाशंकर उपाध्याय, डॉ. कल्याण प्रसाद वर्मा, नमोनाथ अवस्थी, जयगोविंद बैंदिल, मुकेश पाराशर, धर्मेंद्र गेरा, हेमंत सोनी, अरविंद धाकड़, राकेश प्रजापति, राघवेन्द्र भारद्वाज, पुष्पेन्द्र कसाना, दयाल सोलंकी, सतीश गोयल आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।
यह सम्मान हिंदी आलोचना और साहित्य सृजन के क्षेत्र में कृष्ण बिहारी पाठक के योगदान को नई पहचान देगा।

Dheerajkumar Sharma(Sawai Madhopur )
नाम: धीरज कुमार शर्मा
वर्तमान पद: हिंडौन संवाददाता (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: हिंडौन सिटी, जिला करौली (राजस्थान)
बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, कला और धार्मिक गतिविधियां
परिचय
धीरज कुमार शर्मा राजस्थान के करौली जिले के अंतर्गत आने वाले हिंडौन सिटी क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह हिंडौन के स्थानीय समाचारों के साथ-साथ विशेष रूप से राजनीति और शिक्षा के क्षेत्र को नियमित रूप से कवर करते हैं। इसके अलावा, कला और धार्मिक विषयों पर भी उनकी अच्छी पकड़ है और वह इन क्षेत्रों में भी रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
धीरज कुमार शर्मा को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 साल का लंबा अनुभव है:
- वह पिछले तीन वर्ष से लगातार 'प्रातः काल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और हिंडौन क्षेत्र की कमान संभाल रहे हैं।
- 'प्रातः काल' से पहले उन्होंने 10 साल तक 'राष्ट्रदूत' अखबार में कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री प्राप्त की है।
