रेलवे प्रशासन और आमजन के बीच संवाद को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। अब रेलकर्मियों और आम नागरिकों को अपनी समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) स्वयं प्रत्येक सप्ताह शिकायतकर्ताओं से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान की प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगे।

मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा के निर्देशन में लागू की गई इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक गुरुवार सायं 5 बजे से 6 बजे तक कर्मचारी और आम शिकायतकर्ता मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में सीधे डीआरएम से मिल सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के साथ-साथ शिकायतकर्ताओं को मंडल के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराना है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसम्पर्क अधिकारी श्री सौरभ जैन ने बताया कि इस सुनवाई प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता को पहले अपनी समस्या संबंधित शाखा अधिकारी अथवा अपर मंडल रेल प्रबंधक के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय से समय प्राप्त कर सीधे डीआरएम के समक्ष अपनी बात रखी जा सकेगी।

रेल प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यदि किसी अपरिहार्य कारणवश किसी सप्ताह गुरुवार को बैठक आयोजित नहीं हो पाती है, तो उसी सप्ताह शुक्रवार को निर्धारित समय पर शिकायतकर्ताओं को सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी सप्ताह शिकायतकर्ताओं की समस्याएं लंबित न रहें और उन्हें सुनवाई का अवसर अवश्य मिले।

श्री जैन के अनुसार, प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी, ताकि शिकायतकर्ता को उसकी शिकायत की प्रगति और निस्तारण की जानकारी लगातार मिलती रहे।

इस पहल के अंतर्गत ठेकेदारों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। मंडल रेल प्रबंधक प्रत्येक गुरुवार सायं 4 बजे से 5 बजे तक कोटा मंडल के ठेकेदारों की शिकायतों और समस्याओं की सुनवाई करेंगे। रेलवे परियोजनाओं एवं विकास कार्यों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति बनाए रखने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। ठेकेदारों को सुनवाई में शामिल होने के लिए प्रत्येक मंगलवार सायं 4 बजे तक मंडल रेल प्रबंधक के निजी सचिव कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों सहित पंजीकरण कराना होगा।

रेल प्रशासन का मानना है कि यह नई व्यवस्था प्रशासन और आमजन के बीच भरोसे को और मजबूत करेगी। शिकायतों को सीधे शीर्ष स्तर पर सुनने और उनके समाधान की निगरानी की यह पहल न केवल जवाबदेही को बढ़ाएगी, बल्कि रेलवे प्रशासन की जनकेंद्रित कार्यप्रणाली को भी नई दिशा प्रदान करेगी।

Pratahkal Bureau

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