आबादी भूमि के सर्वे व रिहायशी पट्टों की मांग को लेकर किसान सभा ने सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
सवाई माधोपुर में किसान सभा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आबादी भूमि के सर्वे और रिहायशी पट्टों की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चारागाह भूमि खाली कराने और बसावट क्षेत्रों को गैर मुमकिन आबादी में दर्ज करने की भी मांग उठाई।

जिला मुख्यालय सवाई माधोपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को किसान सभा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आबादी क्षेत्र का पुनः सर्वे करवाकर रिहायशी भूमियों के पट्टे जारी करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसान सभा जिला अध्यक्ष कांजी मीणा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान व ग्रामीण उपस्थित रहे।
कांजी मीणा ने बताया कि सवाई माधोपुर जिले में ग्राम पंचायतों की आबादी भूमि का सर्वे किए हुए कई वर्ष बीत चुके हैं। इस बीच गांवों की बसावट का क्षेत्रफल लगातार बढ़ता गया है, परंतु भूमि का कन्वर्जन न होने से ग्रामीणों को अपने रिहायशी मकानों के पट्टे प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पट्टे न होने के कारण आमजन को न केवल अपने कदीमी मकानों का वैध स्वामित्व प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है, बल्कि वे कई सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हैं।
किसान सभा ने मांग की कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों के आबादी क्षेत्रों का पुनः सर्वे कराया जाए तथा बसावट वाले क्षेत्रों को गैर मुमकिन आबादी में दर्ज किया जाए, ताकि ग्रामीणों को उनके आवासीय मकानों के पट्टे मिल सकें। मीणा ने यह भी कहा कि इससे ग्रामीणों को सरकारी एवं गैर सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी और आवासीय विकास को गति मिलेगी।
इसी क्रम में किसान सभा ने जिले में चारागाह भूमियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की भी मांग उठाई। संगठन ने कहा कि चारागाह भूमि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुधन के लिए अत्यंत आवश्यक है, अतः प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
ज्ञापन में किसान सभा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे सवाई माधोपुर जिले में लंबित आबादी भूमि सर्वे प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश जारी करें और ग्रामीणों को उनके वैध अधिकारों से वंचित न रखा जाए। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
यह ज्ञापन ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे जिले में भूमि प्रबंधन और आवासीय विकास को नई दिशा मिल सकती है।

Pratahkal Bureau
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