राजस्थान सरकार के “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत सूरवाल बांध पर आयोजित जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में कृषि एवं उद्यानिकी, ग्रामीण विकास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने सवाई माधोपुर जिले के लिए जल संरक्षण, बाढ़ प्रबंधन, सड़क मरम्मत और विकास कार्यों से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं कीं। मंत्री ने कार्यक्रम के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में बारिश से होने वाले नुकसान की रोकथाम, जल निकासी व्यवस्था और जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत करने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सूरवाल बांध परिसर में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि राज्य सरकार ने सूरवाल बांध को मजबूती प्रदान करने तथा अधिक पानी आने की स्थिति में उसे बनास नदी तक सुरक्षित पहुंचाने की परियोजना को स्वीकृति दे दी है। इसके लिए 65 लाख रुपये लागत की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। परियोजना के तहत सूरवाल बांध डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में अतिरिक्त जल निकासी के लिए वैकल्पिक मार्ग का सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना से सूरवाल क्षेत्र में बहने वाले पानी का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।

उन्होंने बताया कि जड़ावता गांव में अतिवृष्टि के दौरान होने वाले जल प्लावन से राहत दिलाने के लिए 75 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है। पानी को डायवर्ट करने के उद्देश्य से सर्वे कार्य पूरा कर तकनीकी स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है।

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि पिछले वर्ष मानसून के दौरान सवाई माधोपुर शहर से गुजरने वाले लटिया नाले के पानी ने भारी नुकसान पहुंचाया था। अब नाले के पानी के प्रबंधन के लिए व्यापक कार्य किए जाएंगे। इसके तहत नाले की सफाई, डी-सिल्टिंग, सुरक्षा दीवार को मजबूत करना तथा दोनों किनारों पर ट्रैक बनाकर सौंदर्यकरण किया जाएगा। इस कार्य के लिए 237 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे बारिश के दौरान शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी और स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा।

उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त राजबाग पुलिया के पुनर्निर्माण पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, पिछले वर्ष बारिश के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के लिए 70-70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री ने सवाई माधोपुर में 115 करोड़ रुपये की लागत से अमरूद फल उत्कृष्टता केंद्र “कॉमन एग्रो एण्ड फूड प्रोसेसिंग सेंटर” स्थापित करने की मंजूरी दिए जाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इससे जिले में कृषि आधारित प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को लाभ मिलेगा।

प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि जिले में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से सभी विभागों के समन्वय से अभियान संचालित किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर तक गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के तहत जल स्रोतों की सफाई, डी-सिल्टिंग, जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, पौधारोपण, श्रमदान, जल चौपाल, जागरूकता रैलियां और पर्यावरण संरक्षण गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 और हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत भी व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।

फोटो कैप्शन:- 25 पीआरओ 10 प्रेस वार्ता को संबोधित करते कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा।

Pratahkal Bureau

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