खेड़ा जमालपुर में 33वें रुद्र महायज्ञ और भागवत कथा का समापन
हिण्डौन क्षेत्र के तपोभूमि आश्रम में पूर्णाहुति पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।

खेड़ा जमालपुर के तपोभूमि आश्रम में आयोजित 33वें रुद्र महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर प्रसादी वितरण सेवा में सहयोग करते ग्रामीण और आयोजन समिति के सदस्य।
हिण्डौन क्षेत्र के ग्राम खेड़ा जमालपुर स्थित पंडित सतीश चंद्र शास्त्री की बगीची तपोभूमि आश्रम में आयोजित 33वें रुद्र महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के समापन अवसर पर गुरुवार को आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दर्जनों गांवों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। पूरे आश्रम परिसर में दिनभर धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण बना रहा।
श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन भागवत आचार्य पंडित कपिल शास्त्री ने श्रद्धालुओं को कथा के विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंग सुनाए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, सेवा, संस्कार और मानव जीवन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। कथा के दौरान भक्ति संगीत एवं मधुर भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया।
इस अवसर पर रोहित शास्त्री सहित अन्य विद्वान संत-महात्माओं की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। कथा पांडाल में “हर हर महादेव” एवं “राधे-राधे” के जयघोष लगातार गूंजते रहे। श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए और पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
आयोजन समिति के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान के तहत प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक पंचकुंडी रुद्र महायज्ञ आयोजित किया गया, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। इसके बाद दोपहर 12 बजे से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाता रहा।
धार्मिक आयोजन में ग्राम खेड़ा जमालपुर सहित आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों की विशेष भागीदारी देखने को मिली। पूरे आश्रम परिसर को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी एवं धार्मिक ध्वज-पताकाओं से आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे तपोभूमि आश्रम किसी तीर्थ स्थल जैसा नजर आ रहा था।
पूर्णाहुति अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने सेवा भाव से प्रसादी वितरण में सहयोग किया। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्रवासियों के सहयोग एवं संतों के आशीर्वाद से धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। धार्मिक आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सनातन परंपराओं के प्रति श्रद्धा को नई मजबूती प्रदान की।

Pratahkal Bureau
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